चलो दिल्ली: राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक का काफिला पहुंचा रामलीला मैदान, कुछ देर में शुरू होगी रैली
चलो दिल्ली LIVE: रामलीला मैदान में जुटेगा विपक्ष, ज्ञानेश कुमार को हटाने पर जोर; सीईसी के खिलाफ कितने एकजुट?
- ✓चलो दिल्ली LIVE: रामलीला मैदान में जुटेगा विपक्ष, ज्ञानेश कुमार को हटाने पर जोर; सीईसी के खिलाफ कितने एकजुट?
- ✓हम ऐसे व्यक्ति को नहीं चाहते, जो निष्पक्ष न होकर एक साम्राज्य की तरह काम करे और मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाकर भारत का राजनीतिक भविष्य तय करने की कोशिश करे।
- ✓लोगों को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए।" कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "मैंने अपनी पूरी जिंदगी में दिल्ली में ऐसी रैली कभी नहीं देखी।
- ✓मुझे इस तरह के किसी आयोजन की जानकारी नहीं है।
दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की रामलीला मैदान में रैली - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स 9 1 1 Link Copied कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "लोगों का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर से भरोसा उठ गया है। हम ऐसे व्यक्ति को नहीं चाहते, जो निष्पक्ष न होकर एक साम्राज्य की तरह काम करे और मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाकर भारत का राजनीतिक भविष्य तय करने की कोशिश करे।
लोगों को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए।" कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "मैंने अपनी पूरी जिंदगी में दिल्ली में ऐसी रैली कभी नहीं देखी। मुझे इस तरह के किसी आयोजन की जानकारी नहीं है। हो सकता है कि दूर अतीत में ऐसा कुछ हुआ हो, लेकिन मौजूदा हालात में, जब भाजपा सत्ता में है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश का नेतृत्व कर रहे हैं, इतनी बड़ी संख्या में जनता का उत्साह और समर्थन मैंने पहले कभी न देखा है और न ही सुना है।
यह दिखाता है कि भाजपा की विदाई का समय नजदीक आ रहा है। उसकी सत्ता से विदाई अब तय होती दिख रही है।" कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, "लोग न्याय की मांग करने, लोकतंत्र को बचाने और वोटों की चोरी रोकने के लिए दिल्ली आए हैं। पूरे देश का माहौल बदल रहा है।
इस तानाशाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ज्ञानेश कुमार ने जो कदम उठाए हैं, वे गैरकानूनी हैं। उन्हें अपने पद से हटना होगा।" उन्होंने आगे कहा, "लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है। हम चुनाव जीतें या हारें, जनता हमेशा सबसे आगे रहनी चाहिए।
कांग्रेस गांधीवादी विचारधारा वाली पार्टी है। हम अहिंसा, प्रेम, सद्भाव और सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। हम चाहते हैं कि लोकतंत्र कायम रहे। हम चाहते हैं कि हमारे गणराज्य के मूल मूल्य, जैसे चुनाव आयोग की निष्पक्षता, बरकरार रहें।" कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "देखिए, मुद्दा यह है कि हर वोट महत्वपूर्ण है और हर व्यक्ति का महत्व है।
कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन हर एक वोट की रक्षा के लिए एकजुट हैं। चाहे सिर्फ एक वोट को बचाने की बात ही क्यों न हो, हम उसकी सुरक्षा के लिए भी खड़े हैं।" कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा, "आप देख सकते हैं कि बड़ी संख्या में लोग बाहर निकले हैं।
जनता सड़कों पर उतर आई है। यह पूरे देश के माहौल को दर्शाता है और दिखाता है कि जो कुछ किया गया है, उसके खिलाफ लोग कितनी मजबूती से अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।" असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के नेताओं से एक अपील की है।
उन्होंने कहा, ''आज ही के दिन 1984 में दिल्ली और देश के कई अन्य हिस्सों में सिख समुदाय का नरसंहार हुआ था। ऐसे दिन दिल्ली में इतना हंगामा करना सिख समुदाय के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है। आप यह रैली किसी दूसरे दिन भी कर सकते थे, लेकिन शायद सिख समुदाय के प्रति असंवेदनशीलता आपके डीएनए में है।
खैर, जब आप सभी इस समय एक ही जगह पर जुटे हैं, तो कम से कम मंच से देश के सिख समुदाय से माफी मांगिए और उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखिए। आपकी दादी की हत्या का बदला लेने की आग में आपके पिता और उनके सहयोगियों के नेतृत्व में 3,000 से अधिक सिखों का कत्लेआम किया गया था।
एक बार माफी मांग लीजिए और फिर अपना कार्यक्रम जारी रखिए।'' केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, "मुझे यह देखकर हंसी आती है कि क्या वे देश के मतदाताओं को मूर्ख समझते हैं? अगर उनका दावा है कि 13 करोड़ नाम प्रभावित हुए हैं, तो वे इसका पूरा ब्योरा क्यों नहीं देते?
इनमें से कितने नाम मृत लोगों के हैं? कितने नाम मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टियों के हैं? कितने ऐसे लोगों के नाम हैं, जिनका पता सत्यापित नहीं किया जा सका? अगर उनमें हिम्मत है, तो उन्हें गांव-गांव जाकर लोगों से पूछना चाहिए कि उनके परिवारों के कितने नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
जनता को मूर्ख मत समझिए। कोई वोट चोरी नहीं हुई है, लोगों ने चोरों को वोट देना बंद कर दिया है।" 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली पर इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के सांसद ईटी मोहम्मद बशीर ने कहा, "यह वास्तव में बहुत शानदार है।
हमें पूरा भरोसा है कि हम इस प्रयास में सफल होंगे और बड़ी जीत हासिल करेंगे।" कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, "मैं मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर इस रैली में शामिल हो रहा हूं। मुझे लगता है कि हां, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा देंगे।" रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc.
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| Topic Category | POLITICS |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 31 October 2026 |