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विचार: एक योगी के तप की गाथा है यूपीआईटीएस

Amar Ujala National HindiBy नम्रता नारायण
25 Sept 2026
Original: English
AI Synopsis & Key Briefing

UP International Trade Show, The Story of a Yogi’s Vision, Perseverance and Journey of Transformation

Key Highlights & Official Takeaways
  • ✓UP International Trade Show, The Story of a Yogi’s Vision, Perseverance and Journey of Transformation
  • ✓वैश्विक प्रतिनिधियों से आंख मिलाते ओडीओपी स्टाल्स यहां तक पहुंचने का संघर्ष बयान नहीं करते।
  • ✓पूरे आत्मविश्वास के साथ एक्सपोर्ट ऑर्डर लेते हस्तशिल्पी व कारीगर आपको उन जख्मों के निशान नहीं दिखाएंगे, जो एक दशक पहले तक रिस रहे थे।
  • ✓यूपी में एमएसएमई सेक्टर के पुनर्जीवित होकर करीब चार करोड़ लोगों की जीवन-रेखा बनने तक का सफर ऐसी तमाम अनकही कहानियों से भरा है।
Comprehensive News & Policy Report

यूपीआईटीएस में गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी - फोटो : X (@myogiadityanath) Link Copied मेगा सिटी बनने की राह पर दौड़ते ग्रेटर नोएडा के विशालकाय एक्सपो सेंटर में उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (यूपीआईटीएस) की चमक-दमक आपको भयावह अंधेरे से लड़ाई की कहानी नहीं बताएगी।

वैश्विक प्रतिनिधियों से आंख मिलाते ओडीओपी स्टाल्स यहां तक पहुंचने का संघर्ष बयान नहीं करते। पूरे आत्मविश्वास के साथ एक्सपोर्ट ऑर्डर लेते हस्तशिल्पी व कारीगर आपको उन जख्मों के निशान नहीं दिखाएंगे, जो एक दशक पहले तक रिस रहे थे।

यूपी में एमएसएमई सेक्टर के पुनर्जीवित होकर करीब चार करोड़ लोगों की जीवन-रेखा बनने तक का सफर ऐसी तमाम अनकही कहानियों से भरा है। उत्तर प्रदेश ने पिछले कुछ वर्षों में विकास की एक नई और अभूतपूर्व कहानी लिखी है। इस आर्थिक क्रांति के केंद्र में रहा है प्रदेश का सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र, जिसे 'एक जिला एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना के जरिए न केवल नया जीवन मिला, बल्कि 'उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला' (यूपीआईटीएस) जैसे वैश्विक मंच के माध्यम से विश्व व्यापार के पटल पर प्रमुख 'ग्लोबल एक्सपोर्ट हब' के रूप में स्थापित भी किया गया।

ओडीओपी योजना को धरातल पर लागू करने के लिए राज्य सरकार ने एक बहुआयामी रणनीति बनाई। सबसे पहले वित्तीय सहायता और ऋण सुलभता पर ध्यान दिया गया। उद्यमियों और दस्तकारों को आसान शर्तों पर पूंजी उपलब्ध कराने के लिए मुद्रा योजना और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना जैसी पहलों के साथ समन्वय स्थापित किया गया।

इससे स्थानीय इकाइयों का विस्तार और आधुनिकीकरण संभव हुआ। अगले चरण में तकनीकी उन्नयन और गुणवत्ता सुधार पर फोकस रहा। पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक डिजाइन, गुणवत्ता नियंत्रण और नई पैकेजिंग तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही जीआई टैगिंग के जरिए उत्पादों की प्रामाणिकता और अंतरराष्ट्रीय साख को मजबूत किया गया।

तीसरे चरण में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्मों के साथ रणनीतिक साझेदारी करके छोटे ग्रामीण उद्यमियों के उत्पादों को सीधे डिजिटल मार्केट-प्लेस से जोड़कर आर्थिक आत्मनिर्भरता दी गई। ओडीओपी योजना के रणनीतिक क्रियान्वयन ने उत्तर प्रदेश के एमएसएमई क्षेत्र में नए प्राण फूंक दिए।

राज्य में लाखों एमएसएमई इकाइयों को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित हुए, जिससे युवाओं का पलायन रुका। एमएसएमई सेक्टर के इस कायाकल्प का सीधा असर प्रदेश के निर्यात आंकड़ों पर दिखाई देने लगा, जो आज दो लाख करोड़ के पार जा चुका है।

राज्य के पारंपरिक उत्पाद जो कभी स्थानीय बाजारों तक सीमित थे, वे अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरते हुए विश्व के अलग-अलग देशों में निर्यात होने लगे। ओडीओपी ने उत्तर प्रदेश को 'वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी' की ओर ले जाने वाले सबसे प्रमुख इंजन का रूप ले लिया।

स्थानीय स्तर पर उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार के बाद, अगला बड़ा कदम इन उत्पादों को वैश्विक खरीदारों के सामने प्रस्तुत करना था। इसी सोच के साथ सीएम योगी ने 'उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला' की नींव रखी। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यह व्यापार मेला महज एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि यूपी के आर्थिक रूपांतरण का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय मंच साबित हुआ है।

यूपीआईटीएस ने दुनिया भर के आयातकों, निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों को एक छत के नीचे ला खड़ा किया। इस मेले में विभिन्न देशों के सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का पंजीकरण राज्य के उत्पादों में विश्व के गहरे विश्वास को दर्शाता है।

इस साल ऑस्ट्रिया, बेलारूस, जापान, रूस, सिंगापुर और वियतनाम जैसे अग्रणी राष्ट्रों की पार्टनर कंट्री के रूप में सहभागिता राज्य के कूटनीतिक और व्यापारिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाएगी। यह मेला न केवल आम नागरिकों को स्थानीय उत्पादों से जोड़ेगा, बल्कि डेढ़ लाख से अधिक व्यापारिक प्रतिनिधियों की उपस्थिति स्थानीय उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार सौदे हासिल करने का सीधा अवसर प्रदान करेगी।

(अस्वीकरण: ये लेखिक के निजी विचार हैं। लेख में दी गई जानकारी और तथ्यों के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। लेखिक नम्रता नारायण एक उद्यमी और नोएडा स्थिति मैत्रेयी माइक्रो प्रोडक्ट्स की प्रबंध निदेशक हैं।)

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Official Notice Specification
Issuing AuthorityAmar Ujala National Hindi
Topic CategoryWORLD
JurisdictionAll India / National
Publication Date25 September 2026
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