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National News Desk
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गुलदार के जबड़े में समाई मासूमों की जिंदगी! पहाड़ों में फैला भयंकर आतंक

Aaj Tak National HindiBy Aaj Tak National Hindi
5 Nov 2026
Original: English
AI Synopsis & Key Briefing

Uttarakhand Leopard Attack: उत्तराखंड में गुलदार के हमलों से दो बच्चों की मौत के बाद पहाड़ों में फूटा आक्रोश. पौड़ी में अधिकारियों का घेराव. 5 साल में 96 मौतें दर्ज. पढ़ें रिपोर्ट...

Key Highlights & Official Takeaways
  • ✓Uttarakhand Leopard Attack: उत्तराखंड में गुलदार के हमलों से दो बच्चों की मौत के बाद पहाड़ों में फूटा आक्रोश.
  • ✓पौड़ी और चंपावत में गुलदार के हमलों ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं.
  • ✓उत्तराखंड में पिछले दो दिनों के दौरान गुलदार के हमलों में दो बच्चों की मौत की घटनाएं सामने आई हैं.
  • ✓पहली घटना 3 नवंबर 2026 को पौड़ी गढ़वाल के ओजली गांव में हुई, जहां सात वर्षीय आरुषि पर गुलदार ने हमला कर दिया.
Comprehensive News & Policy Report

पौड़ी और चंपावत में गुलदार के हमलों ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं. उत्तराखंड में पिछले दो दिनों के दौरान गुलदार के हमलों में दो बच्चों की मौत की घटनाएं सामने आई हैं. पहली घटना 3 नवंबर 2026 को पौड़ी गढ़वाल के ओजली गांव में हुई, जहां सात वर्षीय आरुषि पर गुलदार ने हमला कर दिया.

गुलदार बच्ची को उठाकर झाड़ियों में ले गया, जहां बाद में उसका शव बरामद हुआ. दूसरी घटना 5 नवंबर को चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र के सुई डूंगरी गांव में हुई, जहां 13 वर्षीय किशोर पर गुलदार ने घर के पास हमला कर दिया. किशोर रायकोट का मेला देखकर घर लौट रहा था.

इन दोनों घटनाओं ने एक बार फिर उत्तराखंड में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष और ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पौड़ी चार वर्षीय मासूम आरुषि की गुलदार के हमले में मौत के बाद पौड़ी के खांड्यूसैंण क्षेत्र में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा.

आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर पौड़ी-देवप्रयाग मोटर मार्ग जाम कर दिया और मौके पर पहुंचे पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की. वहीं, ग्रामीणों ने तहसीलदार राजेंद्र गोस्वामी और वन विभाग की एसडीओ आयशा बिष्ट को एक दुकान के अंदर बंद कर बंधक बना लिया.

मौके पर पहुंचे डीएफओ महातिम यादव के साथ भी ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया. ग्रामीणों ने वन विभाग और शासन-प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताते हुए क्षेत्र में गुलदार के आतंक से निजात दिलाने और तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग रहे हैं उत्तराखंड में गुलदार के हमलों से दो बच्चों की मौत उत्तराखंड में गुलदार के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है.

पिछले दो दिनों में गुलदार के हमलों में दो बच्चों की मौत ने एक बार फिर पहाड़ों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीर स्थिति को उजागर कर दिया है. इन घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.

वन विभाग के कार्यालयी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 से 2025 तक उत्तराखंड में वन्यजीवों के हमलों में कुल 169 लोगों की मौत हुई है. इनमें गुलदार के हमलों में सर्वाधिक 96 लोगों ने जान गंवाई, जबकि बाघ के हमलों में 59 और भालू के हमलों में 14 लोगों की मौत हुई.

वहीं, इसी अवधि में वन्यजीवों की भी बड़ी संख्या में मौत हुई है. आंकड़ों के अनुसार, 2021 से 2025 के बीच 623 गुलदार और 79 बाघों की मौत हुई. समाचार माध्यमों में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार गुलदारों की मौत का आंकड़ा 632 बताया गया है, जबकि कार्यालयी आंकड़ों में यह संख्या 623 है.

इस तरह मानव और वन्यजीव दोनों की मौतों के आंकड़े उत्तराखंड में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की गंभीरता को दर्शाते हैं. लगातार हो रही इन घटनाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की जान की सुरक्षा कैसे होगी.

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Official Notice Specification
Issuing AuthorityAaj Tak National Hindi
Topic CategorySTATES
JurisdictionAll India / National
Publication Date5 November 2026
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