आर्किटेक्चर नहीं तो सर्च इंजन भी नहीं!: Google की नई शर्त, आर्किटेक्चर में इस्तेमाल होने वाले आर्किटेक्चर को लेकर क्या है कंपनी की नई नीति?
गूगल ने स्कूल में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक टूल्स को लेकर अपनी नीति का फैसला किया है। अब स्कूल प्रशासन की अनुमति के बिना छात्र जेमिनी और गूगल सर्च जैसे टूल का इस्तेमाल नहीं कर सकते।
- ✓गूगल ने स्कूल में इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक टूल्स को लेकर अपनी नीति का फैसला किया है।
- ✓स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को कंपनी के इंजन का इस्तेमाल करने के लिए भी स्कूल प्रशासन की मंजूरी लेनी होगी।
- ✓कंपनी के मुताबिक, अगर कोई स्कूल अपने छात्रों को मोट टूल्स चलाने की अनुमति नहीं देता है, तो उन छात्रों को गूगल सर्च की सुविधा भी नहीं मिलेगी।
- ✓विज्ञापन यह बदलाव K-12 यानी स्कूल स्तर की शिक्षा से जुड़े दस्तावेज़ों पर लागू होगा।
स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों को कंपनी के इंजन का इस्तेमाल करने के लिए भी स्कूल प्रशासन की मंजूरी लेनी होगी। कंपनी के मुताबिक, अगर कोई स्कूल अपने छात्रों को मोट टूल्स चलाने की अनुमति नहीं देता है, तो उन छात्रों को गूगल सर्च की सुविधा भी नहीं मिलेगी।
विज्ञापन यह बदलाव K-12 यानी स्कूल स्तर की शिक्षा से जुड़े दस्तावेज़ों पर लागू होगा। अब जेमिनी, जेमिनी नोटबुक, जेमिनी इन क्लासरूम और गूगल सर्च जैसे उत्पाद छात्रों के नामांकन के लिए डिफॉल्ट रूप से बंद रहेंगे। स्कूल प्रशासन अपनी स्पष्ट अनुमति के बाद ही चालू कर देगा।
कंपनी के मुताबिक, स्कूल प्रशासन की स्पष्ट बैठक के-12 तक यानी स्कूल स्तर के छात्रों के प्रवेश में ये उत्पाद पूरी तरह बंद रहेंगे। इस व्यवस्था में चार प्रमुख उत्पाद शामिल हैं: अब स्कूल प्रशासन अपनी जरूरत और नीति के अनुसार इन सेवाओं को चालू करने का निर्णय लेगा।
कंपनी ने कहा है कि वह आने वाले महीनों में पहले से ही लागू करने के लिए योजनाओं में विस्तृत जानकारी देवी में बदलाव करेगी, ताकि उन्हें तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके। गूगल के शिक्षा विभाग के उपाध्यक्ष और महाप्रबंधक क्रिस फिलिप्स ने ब्लॉग पोस्ट में कहा कि उन्होंने अपनी नीति में बदलाव के बारे में सुना है।
उन्होंने कहा, "स्कूल, इंटरप्रिटेशन, प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और नीति चरित्रों की बात सुनने के बाद हम जेमिनी, जेमिनी नोटबुक, जेमिनी इन क्लासरूम और गूगल सर्च के नियंत्रण से अपना रास्ता बदल रहे हैं।" फिलिप्स के अनुसार, स्कूल स्तर के छात्र पंजीकरण के लिए इन छात्रों की सुविधा पूरी तरह से बंद रहेगी।
स्कूल प्रशासन की स्पष्ट अनौपचारिक बैठक के बाद ही इसे चालू कर दिया गया। कंपनी ने कहा है कि आने वाले महीनों में सिक्कों के इस बदलाव से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी जाएगी। गूगल का उद्देश्य स्कूल प्रमुखों पर यह नियंत्रण रखना है कि उन्हें आवश्यकता है कि वे अपने स्कूल में हॉस्टल टूल्स का इस्तेमाल तय कर सकें।
गूगल के इस फैसले को लेकर सबसे अहम सवाल यह है कि छात्रों को इंजन की सुविधा क्यों नहीं मिलेगी? एक प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में फिलिप्स ने कहा कि गूगल सर्च अब स्माल्ट से गहराई तक गया है। उन्होंने कहा कि सर्च और बिल्डिंग एक-दूसरे के साथ गहराई से बनाई गई हैं।
इसका मतलब यह है कि अगर किसी स्कूल ने अपने यहां पर पूरी तरह से मैट के इस्तेमाल पर रोक लगा रखी है, तो छात्रों को गूगल सर्च की सुविधा भी नहीं मिलेगी। ऐसे में स्टूडेंट्स को सर्च करने के लिए स्कूल की ओर से एक मैसेज आता है, जिसमें बताया जाएगा कि यह सुविधा उपलब्ध नहीं है।
गूगल को स्केच में अपनी तकनीक और मोटल्स का इस्तेमाल लेकर सेलेब्रिटी, बाल विकास और संरचना की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएटेड प्रेस (एपी) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ समय में इसका विरोध और बढ़ गया था, जब गूगल ने गूगल क्लासरूम का इस्तेमाल करने वाले कई स्कूलों के छात्रों के लिए जेमिनी चैटबॉट की सुविधा चालू करने की घोषणा की थी।
शिक्षा से जुड़े कई लोगों का मानना है कि कम उम्र के छात्र बीच-बीच में मोटरसाइकिल टूल्स के इस्तेमाल से उनकी पढ़ाई और विचार-विमर्श की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। गूगल का कहना है कि स्कूल प्रशासन के तहत नई व्यवस्था के तहत आपके छात्रों को मोटरसाइकिल टूल्स चालू करने या बंद रखने का अधिकार मिलेगा।
कंपनी आने वाले महीनों में इस बदलाव से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी साझा करेगी। सबसे विश्वसनीय हिंदी समाचार वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।
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| Topic Category | EDUCATION |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 4 November 2026 |