अमेरिका ने युद्ध को कहा ना...', ईरान की चेतावनी के बाद चिल्लाते हुए कहा
अमेरिकी चुनाव में हिटलर की पार्टी को झटका लगने के बाद ईरान ने इसे युद्ध के खिलाफ जनता का संदेश बताया है। ईरान के संसदीय अध्यक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को चेतावनी भी दी है.
- ✓अमेरिकी चुनाव में हिटलर की पार्टी को झटका लगने के बाद ईरान ने इसे युद्ध के खिलाफ जनता का संदेश बताया है।
- ✓अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डोनाल्ड ख्त्म की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है।
- ✓इस नतीजे में ईरान ने अपना पक्ष बताया है।
- ✓ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ़ ने कहा कि अमेरिकी जनता ने युद्ध के ख़िलाफ़ वोट दिया है।
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डोनाल्ड ख्त्म की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। इस नतीजे में ईरान ने अपना पक्ष बताया है। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ़ ने कहा कि अमेरिकी जनता ने युद्ध के ख़िलाफ़ वोट दिया है।
उन्होंने यथार्थवादी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर वह लोगों की बात नहीं मानते हैं, तो उनका नाम है दोस्तीना भूखी। गालिबाफ का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दोनों देशों के बीच बातचीत लंबे समय से रुकी हुई है और फिर से जंग शुरू होने का खतरा बन गया है।
ग़ालिबाफ़ ने सोशल प्लेटफ़ॉर्म मीडिया एक्स पर लिखा, "हम इस संदेश का समर्थन करते हैं।" उनका कहना था कि रिपब्लिकन पार्टी चुनाव में मिलेन की ओर थी। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सरकार अपने लोगों की इच्छा पूरी करती है और दूसरे देश पर दबाव डालती है, तो उसे ईरान के 'ना' का बुरा परिणाम देना होगा।
अमेरिकी चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी का ईरान युद्ध के पीछे ख़राब प्रदर्शन भी एक कारण माना जा रहा है। ख़ुद ब खुद ने माना कि इस जंग का असर चुनाव पर पड़ेगा. फॉक्स न्यूज के विवरण में उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि ईरान भी इसका एक हकदार है।
सैद्धांतिक रूप से, अमेरिकी जनता ने ईरान के खिलाफ उनकी कार्रवाई का समर्थन किया, लेकिन पेट्रोलियम का भार उठाने के लिए पेट्रोलियम लगभग तैयार नहीं था। हालाँकि, उन्होंने ईरान पर हमला करने के अपने फैसले पर पछतावा नहीं किया। सीबीएस न्यूज के साक्षात्कार में विस्तार से कहा गया है कि यह संघर्ष तब समाप्त हो जाएगा, जब उन्होंने कहा।
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने भी अमेरिका के रिपल में बदलाव की उम्मीद को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि जो लोग मानते हैं कि अमेरिका की ईरान में दुश्मनी कम होगी, वे सिद्धांत में हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि फिर से जंग शुरू हुई, तो उसका इतिहास पहले कहीं से भी बड़ा हो सकता है।
इस बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ने की खबरें भी आई हैं। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने रविवार को दावा किया कि समुद्री बारूदी सुरंगों से टकराने के बाद चार तेल के ड्रमों में आग लग गई। ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, दो पार्टनर्स में आग जारी थी।
दो कलाकारों को दक्षिणी रास्ते से अन्यत्र ले जाने की कोशिश का आरोप लगाया गया। ब्रिटेन के समुद्री पर्यवेक्षण केंद्र यूकेएमटीओ ने यह भी बताया कि मंगलवार शाम ओमान के पास एक पिशाच पर दो अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया। इस घटना में किसी के कैज़ुअल होने की खबर नहीं है.
इससे एक दिन पहले लीमा के उत्तर-पूर्व में एक लकड़ी के जहाज पर हुए हमले में भारतीय चालक दल के एक सदस्य की मौत हो गई थी। ओमान के अधिकारियों ने 13 अन्य दलों को बचा लिया था. अमेरिका और ईरान के बीच कई महीनों से सीधी बातचीत नहीं हो रही है।
दोनों देश कतर की बातचीत से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सहमति नहीं बन पाई है. ईरान ने सितंबर में सात प्लांट वाला प्रस्ताव दिया था। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघाई के मुताबिक, इस प्रस्ताव को छोटा किया गया है और इसे दो दिन में लागू किया जा सकता है।
होर्मुज भी इस तनाव की बड़ी वजह है. दुनिया के सबसे करीबी प्लास्टिक घटकों का तेल और गैस एक समान मार्ग से भिन्न होता है। जंग होने के बाद ईरान के दावे और अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की शुरुआत हुई, यहां से लड़कों की छुट्टी करीब है।
ऐसे में दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू नहीं हुई, तो तनाव और वृद्धि हो सकती है।
- •Aspirants and citizens are advised to monitor official notices and circulars issued by Aaj Tak National Hindi.
- •Verify all prescribed eligibility criteria, cutoff dates, and authenticated document requirements prior to formal submissions.
- •Track connected examination timetables, vacancy advisories, and administrative gazettes on SuchnaSetu.
| Issuing Authority | Aaj Tak National Hindi |
|---|---|
| Topic Category | WORLD |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 4 November 2026 |