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National News Desk
politics

'ED सुपर कॉप नहीं...', कर्नाटक HC ने कांग्रेस विधायक से जुड़ी कार्रवाई की रद्द

Aaj Tak National HindiBy Aaj Tak National Hindi
7 Nov 2026
Original: English
AI Synopsis & Key Briefing

कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी ईडी के लिए लक्ष्मण रेखा खींचते हुए कहा कि एजेंसी ‘सुपर कॉप’ की तरह काम नहीं कर सकती. कोर्ट ने साफ किया कि एजेंसी अपने संज्ञान में आने वाली हर चीज की जांच नहीं कर सकती.

Key Highlights & Official Takeaways
  • ✓कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी ईडी के लिए लक्ष्मण रेखा खींचते हुए कहा कि एजेंसी ‘सुपर कॉप’ की तरह काम नहीं कर सकती.
  • ✓सुप्रीम कोर्ट की राह पर चलते हुए अब कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी ईडी के लिए लक्ष्मण रेखा खींचते हुए कहा कि एजेंसी ‘सुपर कॉप’ की तरह काम नहीं कर सकती.
  • ✓कोर्ट ने कांग्रेस विधायक और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज ECIR और इसके जरिए की जा रही कार्रवाई रद्द कर दी.
  • ✓कोर्ट ने यह भी माना कि ईडी मनी-लॉन्ड्रिंग जांच का आधार बनाने के लिए स्थापित वैधानिक ढांचे को दरकिनार नहीं कर सकती.
Comprehensive News & Policy Report

सुप्रीम कोर्ट की राह पर चलते हुए अब कर्नाटक हाईकोर्ट ने भी ईडी के लिए लक्ष्मण रेखा खींचते हुए कहा कि एजेंसी ‘सुपर कॉप’ की तरह काम नहीं कर सकती. कोर्ट ने कांग्रेस विधायक और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज ECIR और इसके जरिए की जा रही कार्रवाई रद्द कर दी.

जस्टिस एम आई अरुण की एकल जज पीठ ने ​प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारों की सीमा रेखा तय करते हुए फैसला किया है कि यह एजेंसी अपने संज्ञान में आने वाली हर चीज की जांच करने के लिए कोई सुपर कॉप नहीं है. कोर्ट ने यह भी माना कि ईडी मनी-लॉन्ड्रिंग जांच का आधार बनाने के लिए स्थापित वैधानिक ढांचे को दरकिनार नहीं कर सकती.

धन शोधन निवारण अधिनियम यानी PMLA के तहत प्रवर्तन निदेशालय की शक्तियां मौलिक न होकर व्युत्पन्न यानी डेरिवेटिव हैं. ऐसे में जब वह मूल या शेड्यूल्ड अपराध (Predicate Offence) ही अस्तित्व में नहीं रहता जो इस कार्रवाई का आधार था, तो PMLA के तहत कार्रवाई जारी कैसे रह सकती है, यानी कतई जारी नहीं रह सकती.

कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा सदस्य कांग्रेस नेता के. वाई. नंजेगौड़ा और उनसे जुड़े अन्य याचिकाकर्ताओं के खिलाफ ईडी की ECIR और उससे जुड़ी सभी कार्यवाहियों को निरस्त कर दिया. इसके अतिरिक्त, कोर्ट ने ईडी की दर्ज कराई गई एक निजी शिकायत के आधार पर जारी कार्यवाही को भी रद्द कर दिया.

उच्च न्यायालय ने संपत्ति जब्ती की पुष्टि करने वाले PMLA निर्णायक प्राधिकरण (Adjudicating Authority) के आदेश को भी खारिज कर दिया. कोर्ट ने एक याचिकाकर्ता से जब्त की गई वस्तुओं को वापस लौटाने का निर्देश भी दिया. यह फैसला कोलार-चिकबल्लारपुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ लिमिटेड (KOMUL) में कर्मचारियों की भर्ती से संबंधित आरोपों से जुड़ी ईडी जांच के खिलाफ दायर याचिकाओं के समूह पर आया है.

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Official Notice Specification
Issuing AuthorityAaj Tak National Hindi
Topic CategoryPOLITICS
JurisdictionAll India / National
Publication Date7 November 2026
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