नेपाल में बाढ़: भारत ने मदद का हाथ, 10 टन राहत सामग्री और जरूरी दस्तावेज़
नेपाल में बाढ़: भारत ने मदद का हाथ, 10 टन राहत सामग्री और जरूरी दस्तावेज़
- ✓नेपाल में बाढ़: भारत ने मदद का हाथ, 10 टन राहत सामग्री और जरूरी दस्तावेज़
- ✓26/08/26 | रात 10:55 बजे | भोटेकोशी बाढ़ | एच.ए.डी.आर.
- ✓| मानवीय सहायता | भारत-नेपाल | भारतीय वायु सेना | नेपाल बाढ़ | राहत अभियान
- ✓प्राकृतिक आपदाओं में प्रथम प्रत्युत्तर की अपनी भूमिका को आगे बढ़ाते हुए भारत ने राहत सामग्री के साथ मेडिकल मैड्रिड भी दाखिल किया है।
26/08/26 | रात 10:55 बजे | भोटेकोशी बाढ़ | एच.ए.डी.आर. | मानवीय सहायता | भारत-नेपाल | भारतीय वायु सेना | नेपाल बाढ़ | राहत अभियान
नेपाल में आई डिस्ट्रक्टल फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए रविवार को 10 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचए स्टॉक) सामग्री और जरूरी दस्तावेज जारी किए। प्राकृतिक आपदाओं में प्रथम प्रत्युत्तर की अपनी भूमिका को आगे बढ़ाते हुए भारत ने राहत सामग्री के साथ मेडिकल मैड्रिड भी दाखिल किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि इस त्रासदी में जान गंवाने वाले कलाकारों के प्रति भारत की संवेदनाएं हैं और इस कठिन समय में भारत नेपाल और अपने लोगों के साथ खड़ा है।
विदेश मंत्रालय के आदेश के अनुसार, भारतीय दूतावास का सी-130जे विमान राहत सामग्री नेपाल के लिए रवाना हुआ। इसमें अस्थाई आश्रय सामग्रियां, कंबल,स्वतंत्रता किट, सौर्य योग और आवश्यक दवाएं शामिल हैं। इसका उद्देश्य बाढ़ग्रस्त बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करना है।
भारतीय एयरटेल ने एक्स पर बताया कि नेपाल में भीषण बाढ़ के बाद एक सक्रिय सी-130जे विमान भेजा गया है, जिसमें 10 टन आवश्यक राहत सामग्री और मेडिकल स्टॉक है। वर्स्ट ने कहा कि सी-17 और सी-130 के माध्यम से आगे भी राहत सामग्री पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा बचाव और लोगों को सुरक्षित जल निकासी अभियानों के लिए हेलीकॉप्टर की भी स्थापना की गई है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात कर बाढ़ में हुई जनहानी पर शोक व्यक्त किया था। मोदी ने नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने का भरोसा दिया और कहा कि भारत के लोग इस कठिन घड़ी में नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ एकता से जुड़े हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत राहत और बचाव श्रमिकों के लिए हर संभव सहायता के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों की रिपोर्ट आपदा के बीच राहत और मोक्ष में सहयोग के साथ काम कर रही है।
नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास ने कहा कि ट्रैडी का खुलासा बहुत बड़ा है और इसमें बड़ी संख्या में विदेशी समेत कई लोग अब भी लापता हैं। दूतावास के अनुसार, विधायी खोज एवं बचाव अभियान, लोगों की जान-बचाव और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता दिशानिर्देश की है।
रविवार को नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी में नदी आई भीषण बाढ़ के बाद कई लोगों के मारे जाने का खतरा है। सैकड़ों लोग अब भी लापता नामांकन जा रहे हैं। प्रभावित एशिया में खोज और बचाव अभियान लगातार जारी है। (इनपुट: एजेंसी)
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| Issuing Authority | DD News National |
|---|---|
| Topic Category | WORLD |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 26 August 2026 |