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चलो दिल्ली: खरगे के घर पर जुटने लगे विपक्षी सांसद, राहुल का एलान- 12 बजे मार्च कर पहुंचेंगे रामलीला मैदान

Amar Ujala National HindiBy न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
1 Nov 2026
Original: English
AI Synopsis & Key Briefing

चलो दिल्ली LIVE: रामलीला मैदान में जुटेगा विपक्ष, ज्ञानेश कुमार को हटाने पर जोर; सीईसी के खिलाफ कितने एकजुट?

Key Highlights & Official Takeaways
  • ✓चलो दिल्ली LIVE: रामलीला मैदान में जुटेगा विपक्ष, ज्ञानेश कुमार को हटाने पर जोर; सीईसी के खिलाफ कितने एकजुट?
  • ✓इंडिया ब्लॉक के सभी नेता इस रैली में शामिल होंगे।
  • ✓यह जनता की आवाज है और ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना होगा।
  • ✓व्यापारियों को कोई नुकसान नहीं हो रहा है।
Comprehensive News & Policy Report

दिल्ली में इंडिया ब्लॉक का चलो दिल्ली मार्च - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स 5 Link Copied हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, "राहुल गांधी के आह्वान पर लाखों लोग यहां पहुंच रहे हैं। इंडिया ब्लॉक के सभी नेता इस रैली में शामिल होंगे।

यह जनता की आवाज है और ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ना होगा। व्यापारियों को कोई नुकसान नहीं हो रहा है। जब लोग यहां आएंगे, तो वे कुछ न कुछ खरीदारी भी करेंगे।" समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने कहा, "हम इस रैली में इसलिए शामिल हो रहे हैं, क्योंकि यह जनता की मांग है।

लोग चाहते हैं कि हम उन आरोपों पर सरकार से जवाब मांगें, जो लगातार लगाए जा रहे हैं। विपक्ष लंबे समय से चुनाव आयोग की पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठा रहा है। लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं। मैं कहना चाहूंगी कि अगर सब कुछ ठीक है, तो आयोग सामने आए और तथ्यों व सबूतों के आधार पर जवाब दे।

केवल राजनीतिक बयानबाजी न करे। हम लगातार कह रहे हैं कि अगर आप सही हैं, तो प्रेस कॉन्फ्रेंस कीजिए। लेकिन आप न तो प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पा रहे हैं और न ही सवालों के जवाब दे रहे हैं। ऐसे में जनता को यह समझ आने लगा है कि चुनाव आयोग एक ही पार्टी को बचाने और उसे सत्ता में बनाए रखने के लिए काम कर रहा है।

इससे एक संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग की छवि का मजाक बनकर रह गई है।" समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने कहा, "हम पूरी तरह एकजुट हैं और आज पूरी ताकत के साथ इस रैली को सफल बनाएंगे। भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन इस रैली को रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे इसमें सफल नहीं होंगे।

हमारी रैली पूरी ताकत के साथ होगी। जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते और एसआईआर पर रोक नहीं लगाई जाती, तब तक हम इस मुद्दे पर अपना संघर्ष जारी रखेंगे।" कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "हमें मतदाता सूची पूरी तरह त्रुटिरहित चाहिए।

यह बेहतर होगा कि मतदाता सूची में एक-दो मृत लोगों के नाम रह जाएं, लेकिन 13 करोड़ वास्तविक मतदाताओं के नाम न हटाए जाएं।" उन्होंने आगे कहा, "भारतीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकार चुनाव आयोग द्वारा नहीं छीने जाने चाहिए। आयोग ने जो किया, वह पूरी तरह गलत था।

इस देश में पिछले 80 वर्षों से हम बिना ऐसी किसी समस्या के स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराते आए हैं। इस दौरान कभी इतनी बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए गए।" उन्होंने कहा, "आप 13 करोड़ मतदाताओं के नाम नहीं काट सकते।

जैसा कि राहुल गांधी ने कल बताया था, भारत की वयस्क आबादी के 15 फीसदी लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। यह स्वीकार्य नहीं है। यह एक गंभीर समस्या है। हम सभी को साथ लेकर चलना चाहते हैं। पूरा इंडिया ब्लॉक यहां मौजूद है।

हम इस रैली को लेकर उत्साहित हैं। इसके जरिए पूरा देश संवैधानिक संस्थाओं को स्पष्ट संदेश देना चाहता है कि भारतीय नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।" कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा, "1942 में महात्मा गांधी के आह्वान पर पूरा देश अंग्रेजों के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़ने के लिए जाग उठा था।

आज भी भारत की जनता ने वोटों की चोरी रोकने और लोकतंत्र को बचाने का संकल्प ले लिया है। कुछ लोग यहां आएंगे, तो कुछ मतदान केंद्रों तक पहुंचेंगे। भाजपा की तानाशाही सरकार की विदाई अब तय है।" इंडिया ब्लॉक की रैली में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "अब आप देख सकते हैं कि केंद्रीय गृह मंत्री और पूरी सरकार किस तरह डरी हुई है।

बार-बार बयान जारी कर धारा 163 का हवाला दिया जा रहा है। लेकिन जब नितिन नवीन सड़कों पर निकलते हैं, तब यह धारा 163 लागू नहीं की जाती। अब जब इंडिया ब्लॉक के आह्वान पर लोग बाहर निकल रहे हैं, तो सरकार बेचैन हो रही है। घबराइए मत, घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

यह देश की आवाज है और आपको इसे सुनना ही पड़ेगा।" राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने कहा, "लोकतंत्र को बचाने के लिए यह बहुत बड़ी रैली हो रही है। यह सिर्फ कांग्रेस या INDIA गठबंधन की रैली नहीं है, बल्कि सभी के लिए एक मंच है।

हमें देश को कैसे बचाना है? देश में लोकतंत्र को कैसे कायम रखना है? यह आज की युवा पीढ़ी के सामने एक बड़ी चुनौती है। अगर उन्होंने अभी इस पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाली पीढ़ियां उन्हें कभी माफ नहीं करेंगी।" सीपीआई(एम) सांसद अमरा राम ने कहा, "यह (एसआईआर) सीधे तौर पर लोकतंत्र की निर्मम हत्या है।

इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता। बाबा साहेब के संविधान ने देश के नागरिकों को वोट देने का अधिकार दिया है। 13.5 करोड़ लोगों के वोट काट दिए गए हैं। अकेले राजस्थान के झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में ही 68 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।

इसका मतलब है कि 2024 का चुनाव पूरी तरह फर्जी था। इसे रद्द किया जाना चाहिए। मतदाता सूची से हटाए गए सभी नामों को दोबारा शामिल किया जाए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।" VIDEO | Delhi: After arriving for INDIA bloc's rally, Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) says, "Limits of injustice have been crossed.

Now, even the Chief Minister of Uttar Pradesh has himself admitted that 1.27 crore votes have been reduced. And when did he remember this? Only after he lost the MLC election. Those who used to talk about a “double-engine government” have now become “double zero.” And not only did they become double zero, but they also refused to accept the defeat even once.

They approached the Election Commission and got the counting done again. So just imagine: a double-engine government, double zero, and a double defeat in the same election. And after all this, what are they claiming? That 1.27 crore votes belonging to Hindus are missing.

Where did they learn this? Who provided them with this data? This is not some data that can be casually picked up from the streets or handed over by just anyone. If a minister is making such a statement—and that too in Uttar Pradesh, the state from which the Prime Minister comes—then when is he making it?

After someone has gone there and returned. So, who is being accused here? If 1.70 crore votes are missing, then what is the government accusing others of? It is also claiming that lakhs of beneficiaries do not have their names on the voter list.

That means those people should also come to Ramlila Ground, because this is a movement against injustice and false promises." #ChaloDilli #VoteBachaoDeshBachao #RamLilaGround रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc.

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Topic CategoryPOLITICS
JurisdictionAll India / National
Publication Date1 November 2026
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