छोटी दिवाली पर 12 घंटे भद्रा का साया! कब जलाएं यमराज के नाम का दीपक
Choti Diwali 2026: आज 7 नवंबर को छोटी दिवाली मनाई जा रही है. जानें यम दीपदान का शुभ मुहूर्त, भद्रा का समय, राहुकाल, पूजा विधि और अभ्यंग स्नान की सही तारीख.
- ✓Choti Diwali 2026: आज 7 नवंबर को छोटी दिवाली मनाई जा रही है.
- ✓Choti Diwali 2026 Puja Muhurat: दिवाली से ठीक एक दिन पहले मनाई जाने वाली छोटी दिवाली का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है.
- ✓इसे नरक चतुर्दशी और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है.
- ✓इस दिन घर के कोनों में दीपक जलाने, यमराज के नाम से दीपदान करने और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने की परंपरा है.
Choti Diwali 2026 Puja Muhurat: दिवाली से ठीक एक दिन पहले मनाई जाने वाली छोटी दिवाली का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. इसे नरक चतुर्दशी और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन घर के कोनों में दीपक जलाने, यमराज के नाम से दीपदान करने और भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करने की परंपरा है.
धार्मिक मान्यता है कि छोटी दिवाली पर दीपदान करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है. इस बार छोटी दिवाली पर भद्रा का साया भी रहेगा, जिस वजह से पूजा और दीपदान के शुभ समय को लेकर लोगों के मन में सवाल हैं.
हालांकि, राहत की बात यह है कि इस दिन भद्रा का वास पाताल लोक में रहेगा. ऐसे में आइए जानते हैं 7 नवंबर को छोटी दिवाली पर पूजा, यम दीपदान और हनुमान जी की आराधना का सही मुहूर्त क्या है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नरक चतुर्दशी मनाई जाती है.
इसे छोटी दिवाली भी कहते हैं. साल 2026 में छोटी दिवाली आज यानी 7 नवंबर, शनिवार को मनाई जा रही है. पंचांग के अनुसार, कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 47 मिनट पर शुरू हो चुकी है. इसका समापन 8 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजकर 27 मिनट पर होगा.
चतुर्दशी तिथि में प्रदोष काल पड़ने के कारण आज शाम यम दीपदान और छोटी दिवाली के दीपक जलाए जाएंगे. छोटी दिवाली 2026 पूजा और दीपदान का शुभ मुहूर्त छोटी दिवाली पर शाम के समय दीपदान करना विशेष फलदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन प्रदोष काल में यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा है.
7 नवंबर 2026 के प्रमुख मुहूर्त इस प्रकार हैं:- छोटी दिवाली की तारीख: 7 नवंबर 2026, शनिवार- चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 7 नवंबर, सुबह 10:47 बजे- चतुर्दशी तिथि समाप्त: 8 नवंबर, सुबह 11:27 बजे- यम दीपदान का शुभ मुहूर्त: शाम 5:32 बजे से 6:48 बजे तक- लक्ष्मी पूजा और हनुमान पूजा का मुहूर्त: शाम 5:41 बजे से 7:18 बजे तक- निशिता काल पूजा मुहूर्त: रात 11:39 बजे से 8 नवंबर को देर रात 12:31 बजे तक नोट: ये मुहूर्त दिल्ली के पंचांग के अनुसार हैं.
अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय के कारण कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है. छोटी दिवाली पर भद्रा का साया कितने बजे तक रहेगा? इस साल छोटी दिवाली पर भद्रा का साया भी रहने वाला है. पंचांग के अनुसार, 7 नवंबर को भद्रा सुबह 10 बजकर 48 मिनट से शुरू होकर रात 11 बजकर 6 मिनट तक रहेगी.
यानी इस दिन करीब 12 घंटे 18 मिनट तक भद्रा रहेगी. आमतौर पर भद्रा काल को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है. हालांकि, इस बार भद्रा का वास पाताल लोक में बताया जा रहा है. ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, जब भद्रा पाताल लोक में होती है तो पृथ्वी लोक पर इसके अशुभ प्रभाव की आशंका नहीं मानी जाती.
इसलिए छोटी दिवाली पर पूजा-पाठ और दीपदान किया जा सकता है. ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं माना जाता है. मान्यता है कि इस दौरान नए और मांगलिक कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए. 7 नवंबर 2026 को राहुकाल सुबह 9 बजकर 21 मिनट से 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा.
हालांकि, यह समय सुबह का है. शाम को यम दीपदान और पूजा के लिए ऊपर बताए गए मुहूर्त का ध्यान रखा जा सकता है. छोटी दिवाली पर कैसे करें यमराज की पूजा और दीपदान? छोटी दिवाली के दिन यमराज की पूजा और दीपदान करने की विशेष परंपरा है.
इसे यम दीपदान कहा जाता है. मान्यता है कि ऐसा करने से परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है. पूजा की विधि इस प्रकार है. 1. छोटी दिवाली के दिन शाम को घर की साफ-सफाई करें और पूजा स्थल को तैयार करें. 2. पूजा की थाली में फूल, रोली, अक्षत, मिठाई और दीपक रखें.
3. यम दीपदान के लिए सरसों के तेल का दीपक जलाएं. 4. परंपरा के अनुसार, घर के मुख्य द्वार के बाहर दक्षिण दिशा की ओर यमराज के नाम से दीपक रखें. 5. भगवान यमराज का स्मरण करते हुए परिवार की सुख-शांति और लंबी उम्र की कामना करें.
6. इसके बाद घर के मुख्य द्वार, आंगन, तुलसी के पास और अन्य स्थानों पर दीपक जलाएं. 7. भगवान श्रीकृष्ण और हनुमान जी की पूजा करके आरती करें. इस बार चतुर्दशी तिथि 8 नवंबर की सुबह तक रहने के कारण अभ्यंग स्नान की परंपरा 8 नवंबर को सूर्योदय से पहले निभाई जाएगी.
दिल्ली के लिए इसका मुहूर्त सुबह 5:02 बजे से 6:38 बजे तक बताया गया है.
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| Issuing Authority | Aaj Tak National Hindi |
|---|---|
| Topic Category | INDIA |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 7 November 2026 |