नेपाल के तिब्बत सीमा के पास अचानक आई भीषण बाढ़ से तबाही, 13 जलविद्युत कर्मचारियों सहित कई प्रभावित
नेपाल के तिब्बत सीमा के पास अचानक आई भीषण बाढ़ से तबाही, 13 जलविद्युत कर्मचारियों सहित कई प्रभावित
- ✓नेपाल के तिब्बत सीमा के पास अचानक आई भीषण बाढ़ से तबाही, 13 जलविद्युत कर्मचारियों सहित कई प्रभावित
- ✓26/08/26 | शाम 5:45 बजे | बालेन्द्र शाह | भोटे कोशी नदी | ग्लोफ़ | नेपाल बाढ़ | नेपाल जलविद्युत परियोजनाएँ | रसुवा बाढ़ | तिब्बत सीमा
- ✓नेपाल में तिब्बत सीमा से लगे रसुवा और आसपास के अछूते में कोशी में अचानक आई भीषण बाढ़ से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई नदी में भारी तबाही हुई।
- ✓बाढ़ से आठ चालू और पांच ढांचे समेत 13 जल विद्युत प्रभावित हुए हैं।
26/08/26 | शाम 5:45 बजे | बालेन्द्र शाह | भोटे कोशी नदी | ग्लोफ़ | नेपाल बाढ़ | नेपाल जलविद्युत परियोजनाएँ | रसुवा बाढ़ | तिब्बत सीमा
नेपाल में तिब्बत सीमा से लगे रसुवा और आसपास के अछूते में कोशी में अचानक आई भीषण बाढ़ से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई नदी में भारी तबाही हुई। बाढ़ से आठ चालू और पांच ढांचे समेत 13 जल विद्युत प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ का कारण अभी भी स्पष्ट नहीं है, लेकिन तिब्बत की ओर से भारी भूस्खलन, हिमसंक्षेप या भूकंपीय घटनाओं की संभावना बनी हुई है।
अधिकारियों के अनुसार, स्थानीय समय सीमा दोपहर करीब नौ बजे भोटे कोशी नदी का निधन अचानक बढ़ गया। इससे तिब्बत सीमा से लगे रसुवा और धादिंग के साथ काठमांडू के दक्षिण-पश्चिम में स्थित नुवाकोट जिला भी प्रभावित हुआ। रसुवा में बाढ़ का कारण स्थानीय बारिश नहीं आई, बल्कि तिब्बत की ओर हुई भारी बारिश या हिमस्खलन को इसका कारण माना जा रहा है।
बागमती प्रांत पुलिस कार्यालय के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं प्रवक्ता के अनुसार, नुवाकोट जिले के बिदुर नगरपालिका से तीन पुरुषों और एक महिला के शव बरामद किए गए हैं। बाढ़ के तुरंत बाद उनका शव त्रिशूली नदी के पास मिला।
काठमांडू से करीब 125 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में तिब्बत सीमा के पास स्थित रसुवा जिला सबसे अधिक प्रभावित है। नेपाल सेना के अनुसार, तिमुरे और सियाफ्रूबेसी क्षेत्र में अचानक मंदी से वाहन, सामान और अन्य संपत्ति बेची गई। रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने कहा कि बाढ़ का स्तर असामान्य रूप से बहुत अधिक था और दोनों में काफी नुकसान हुआ है।
रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी रेजिडेंट ढुंगाना के, सीमा शुल्क सीमा में कई वाहन और सामान रखे गए थे। हाल में बनाया गया एक पुल भी नष्ट हो गया। यह नेपाल के व्यावसायिक परामर्श के लिए महत्वपूर्ण है।
जल एवं विज्ञान मौसम विभाग के सूचना अधिकारी दिनकर कायस्थ ने कहा कि रसुवा में हुई बारिश से बाढ़ की आशंका नहीं दिख रही है। वे किसी नए हिमनद के बन गए या पुराने दार्शनिकों के विचारों के संकटग्रस्त संकट में पड़ गए। अधिकारियों के अनुसार, वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए अध्ययन किया जा रहा है। 'द हिमालयन टाइम्स' के अनुसार, अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या यह घटना मिल्क लेक के अध्ययन से आई बाढ़ (जीएलओएफ) या किसी अन्य कारण से हुई है।
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा में नदी किनारे रहने वाले लोगों को अगली सूचना तक उच्च सुरक्षा पर रहने और सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तिब्बत की ओर से बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह से ठीक नहीं है।
इंडिपेंडेंट पावर इलेक्ट्रिक्स एसोसिएशन नेपाल (आईपीएएन) के अनुसार, बाढ़ से नुवाकोट और रसुवा में 354 मूवमेंट की कुल क्षमता वाली आठ चालू जलविद्युत उपकरण और दंत पांच इंजीनियर प्रभावित हुए हैं। प्रमुख प्रभावित मंडलों में 111 मंडलों के रसुवागढ़ी जलविद्युत परियोजना, 78 मंडलों के संयुक्त जल विद्युत परियोजना और 60 मंडलों के अपर त्रिशूली-3ए शामिल हैं।
'द कामांडू पोस्ट' के अनुसार, स्याफरुबेसी, बेत्रावती, मेलुंग, सल्लातार, शांति बाजार, पिरेबेसी, खल्ती बस्ती, सोले, त्रिशूली और बत्तर समेत लगभग एक दर्जन बस्तियां प्रभावित हुई हैं। यूरोप में कई बाढ़ का पानी वैज्ञानिकों से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की शपथ में हुई समीक्षा बैठक के बाद नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस और नेपाल पुलिस के जवानों ने जंगलों में बल को प्रभावित करने और राहत कार्यों के लिए पहल की। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में खोज एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है।
नेपाल सेना ने बताया कि बाढ़ के बाद खोज एवं बचाव अभियान के लिए 12 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। सेना ने रसुवा के स्याफ्रुबेसी से छह, मेलुंग से दो और डनचे से चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। शूली में सैन्य प्रशिक्षण केंद्र नंबर-1 में चिकित्सा केंद्र भी स्थापित किया गया है, जहां सेना के चिकित्सा कर्मियों से प्रभावित लोगों को त्रि चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, तिमुरे स्थित क्षेत्रीय पुलिस कार्यालय, सैफरूबेसी का पुलिस कार्यालय और रसुवागढ़ी का पुलिस कार्यालय भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सशस्त्र पुलिस बल के प्रवक्ता वीरगति कार्की ने बताया कि बाढ़ के बाद रसुवा से सशस्त्र पुलिस बल के चार युवा लापता हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों की टीम प्रभावित क्षेत्र में
16 स्वास्थ्य कर्मियों की टीम रसुवा के प्रभावित क्षेत्र में पांच मवेशियों के इलाज के लिए घोषणा की गई है। सेना के एक दल के साथ स्क्वाड्रन-17 स्क्वाड्रन को चिकित्सा बचाव दल के साथ त्रिशूली के जिला अस्पताल की ओर भेजा गया है।
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| Issuing Authority | DD News National |
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| Topic Category | WORLD |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 26 August 2026 |