केतन अग्रवाल मर्डर केस: कोर्ट में वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम की एंट्री, आरोपी सिया गोयल ने मांगी जमानत; 17 नवंबर को सुनवाई
पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की सुनवाई शनिवार को वडगांव मावल सत्र न्यायालय में हुई. इस मामले में सरकारी पक्ष की पैरवी के लिए वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम पहली बार अदालत में पेश हुए.
- ✓पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की सुनवाई शनिवार को वडगांव मावल सत्र न्यायालय में हुई.
- ✓पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में अब कानूनी लड़ाई और तेज हो गई है.
- ✓लोहगढ़ किले की खाई में धकेलकर हुई इस सनसनीखेज हत्या के मामले में शनिवार को कोर्ट में वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम की एंट्री हुई.
- ✓सरकारी पक्ष की ओर से कमान संभालते ही निकम ने पुलिस के सारे सबूतों का खाका जज के सामने रख दिया.
पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में अब कानूनी लड़ाई और तेज हो गई है. लोहगढ़ किले की खाई में धकेलकर हुई इस सनसनीखेज हत्या के मामले में शनिवार को कोर्ट में वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम की एंट्री हुई. सरकारी पक्ष की ओर से कमान संभालते ही निकम ने पुलिस के सारे सबूतों का खाका जज के सामने रख दिया.
वहीं दूसरी तरफ, मुख्य आरोपी और केतन की मंगेतर सिया गोयल ने खुद को बेकसूर बताते हुए जमानत और केस से बरी करने की गुहार लगाई है. कोर्ट से बाहर आकर मीडिया से बात करते हुए उज्ज्वल निकम ने बताया कि सुनवाई के पहले दिन सरकार की तरफ से अदालत को पूरे मामले की जानकारी दी गई.
पुलिस ने अब तक क्या-क्या सबूत जुटाए हैं और उनके आधार पर अभियोजन पक्ष क्या दलीलें रखना चाहता है, इस पर कोर्ट को अवगत कराया गया. अदालत ने भी हमें अपनी दलीलें रखने की मंजूरी दे दी है. उज्ज्वल निकम ने बताया कि आरोपी सिया गोयल के वकील ने अदालत में दो अर्जियां लगाई हैं.
पहली जमानत के लिए और दूसरी खुद को केस से बरी (आरोपमुक्त) कराने के लिए. बचाव पक्ष का तर्क है कि पुलिस के पास सिया के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं है. अदालत इन दोनों अर्जियों पर 17 नवंबर को सुनवाई करेगी. केस के तीसरे आरोपी रितेश हांगे ने अब तक अपना कोई वकील तय नहीं किया है.
इस पर अदालत ने उसे सख्त निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई तक अपना वकील चुन ले. कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया कि अगर वह ऐसा करने में नाकाम रहता है, तो अदालत खुद उसकी पैरवी के लिए सरकारी वकील नियुक्त करेगी. निकम ने बताया कि अगली सुनवाई में अभियोजन पक्ष कोर्ट के सामने पूरा सच रखेगा कि हत्या की साजिश कैसे रची गई थी.
साथ ही, सिया गोयल और उसके दोस्त चेतन बाबुलाल चौधरी की भूमिका को लेकर पुलिस को जो सबूत मिले हैं, उन्हें भी कोर्ट में पेश किया जाएगा. वहीं सिया गोयल के वकील नितिन भालेराव ने कहा कि उन्होंने जमानत और बरी किए जाने की दो अर्जियां लगाई हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने जांच के दौरान जो वीडियो और अन्य तकनीकी सबूत जुटाए हैं, वे अब तक बचाव पक्ष को नहीं दिए गए हैं. भालेराव के मुताबिक, पुलिस से सबूत दिलाने के लिए भी कोर्ट में अर्जी दी गई है. इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी.
उस दिन बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ वकील विपुल दुशीम कोर्ट में अपनी दलीलें रखेंगे. वकील भालेराव ने कहा कि बचाव पक्ष का मानना है कि पुलिस के जुटाए सबूत सजा दिलाने के लिए काफी नहीं हैं. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वे कोर्ट में केस का पूरा सामना करेंगे.
शनिवार को सिया गोयल, चेतन बाबुलाल चौधरी और रितेश हांगे तीनों आरोपियों को येरवडा जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया. पुलिस के अनुसार, 18 जून 2026 को पुणे के लोहगढ़ किले पर रियल एस्टेट कंपनी के 26 वर्षीय निदेशक केतन अग्रवाल को गहरी खाई में धकेल दिया गया था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी.
इस सनसनीखेज हत्याकांड में केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसके कथित प्रेमी चेतन बाबुलाल चौधरी और दोस्त रितेश हांगे को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का आरोप है कि इन तीनों ने मिलकर इस पूरी खूनी साजिश को अंजाम दिया था. ये भी पढ़ें: उमर अब्दुल्ला और निधि राजदान की दूसरी शादी: कौन थे दोनों के पहले जीवनसाथी?
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| Topic Category | INDIA |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 31 October 2026 |