2 महीने तक पिता से छुपया नौकरी जाने का दुख, जब बताई सच्चाई तो पिता ने दिया जवाब, नाम कर दिया बेटों का नाम
गोरखपुर के रहने वाले मोहम्मद कैश रिसर्चर ने आईआईआईटी ऊना से इंजीनियरिंग की थी जानकारी। इसके बाद उन्होंने भारत में एक कंपनी में काम किया। फरवरी 2024 में उन्हें एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी मिल गई।
- ✓गोरखपुर के रहने वाले मोहम्मद कैश रिसर्चर ने आईआईआईटी ऊना से इंजीनियरिंग की थी जानकारी।
- ✓उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रहने वाले एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ भी कुछ ऐसा हुआ है।
- ✓वह ब्रिटेन की एक बड़ी कंपनी में नौकरी करते थे, लेकिन खींचने के कारण उनकी नौकरी चली गई।
- ✓नौकरी जाने के बाद वह पूरी तरह टूट गई, लेकिन दो महीने तक अपने परिवार को इस बारे में कुछ नहीं बताया।
2 महीने तक पिता से छिपीया नौकरी जाने का दुख, जब सच बताया तो पिता ने जवाब दिया नाम कर दी बेटों की आंखें जब किसी की अच्छी नौकरी और बेहतर भविष्य के सपने टूटते हैं, तो उसे लगता है कि उसकी सारी मेहनत बेकार चली गई। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में रहने वाले एक भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ भी कुछ ऐसा हुआ है।
वह ब्रिटेन की एक बड़ी कंपनी में नौकरी करते थे, लेकिन खींचने के कारण उनकी नौकरी चली गई। नौकरी जाने के बाद वह पूरी तरह टूट गई, लेकिन दो महीने तक अपने परिवार को इस बारे में कुछ नहीं बताया। दो दिन बाद आख़िरकार उन्होंने अपने पिता को नौकरी जाने की बात बताई।
पिता ने आश्चर्यचकित होकर इंजीनियर की सारी चिंता दूर कर दी। एबड गुड़गांव के रहने वाले मोहम्मद कैश रिसर्चर ने आईआईआईटी ऊना से इंजीनियरिंग की थी। इसके बाद उन्होंने भारत में एक कंपनी में काम किया। फरवरी 2024 में उन्हें एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी मिल गई।
वह ब्रिटेन के स्कॉटलैंड स्थित ग्लासगो चले गए, जहां उन्होंने करीब डेढ़ साल तक काम किया। लेकिन जुलाई में कंपनी ने ड्रैग की और कारें बदल दीं। एबड कैश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी नौकरी का पूरा अनुभव शेयर किया है, जो वायरल हो गया है।
उन्होंने बताया कि 8 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे वह ऑफिस गए थे। उनके दिमाग में सुपरमार्केट के काम और पार्सल की योजना थी। उस मैनेजर का संदेश आया कि आज वन-टू-वन पार्सल क्या हो सकता है? अब्बल विनाश मचाने आ रहा है समुद्री तूफ़ान मुरासु!
इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, आईएमडी ने जारी की संभावना फिर सुबह 11 बजे दोनों की मीटिंग रूम में हुई। कुछ देर रुकने के बाद मैनेजर ने कहा कि उनका पैड 'रिडंडेंसी का जोखिम' में है। कैश को पहले इस शब्द का मतलब नहीं समझ आया।
उन्होंने इस बारे में मैनेजर से पूछा तो उन्होंने बताया कि यह खींचने की प्रक्रिया कैसी है। कंपनी उन्हें एक महीने का समय दे सकती है, जिसमें वह कोई भी अन्य छात्र पद पर नौकरी खोज सकते हैं। अगर इस दौरान नई भूमिका नहीं है, तो एक महीने का नोटिस स्टार्टअप की ओर बढ़ेगा।
यह रिपोर्ट ही कैश की स्टैटिस्टिक्स ज़मीन खिसक गई। उसे समझ नहीं आया कि अचानक उसके साथ ऐसा क्या हुआ। हर खबर से अपडेट रहें, एंड्रॉइड हिंदी समाचार ऐप, आईओएस हिंदी समाचार ऐप और अमर उजाला हिंदी समाचार ऐप अपने मोबाइल पर डाउनलोड करें।
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| Issuing Authority | Amar Ujala National Hindi |
|---|---|
| Topic Category | EDUCATION |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 1 November 2026 |