स्वामी चिन्मयानंद के निधन के 33 साल बाद मोदी की होलोग्राफिक वार्ता को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल

स्वामी चिन्मयानंद का निधन तीन अगस्त 1993 को अमेरिका के सैन डिएगो में हुआ था. ऐसे में सवाल किया जा रहा है कि मीडिया में एआई आधारित होलोग्राम के ज़रिए एक नक़ली बातचीत क्यों दिखाई जा रही है?
- ✓स्वामी चिन्मयानंद का निधन तीन अगस्त 1993 को अमेरिका के सैन डिएगो में हुआ था.
- ✓प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया था.
- ✓इस दौरान उन्होंने स्वामी चिन्मयानंद के एआई होलोग्राम से बातचीत की थी.
- ✓इसमें पीएम मोदी ने 1993 में आध्यात्मिक गुरु से हुई 'अपनी मुलाक़ात' को याद किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन का उद्घाटन किया था. इस दौरान उन्होंने स्वामी चिन्मयानंद के एआई होलोग्राम से बातचीत की थी. इसमें पीएम मोदी ने 1993 में आध्यात्मिक गुरु से हुई 'अपनी मुलाक़ात' को याद किया.
एआई होलोग्राफ से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भविष्य के कार्यों के लिए आध्यात्मिक गुरु का आशीर्वाद मांगा. प्रधानमंत्री ने कहा, "यह मेरा सौभाग्य था कि मैं आपसे मिला था और आज मैं चाहता हूँ कि आप मुझे उन कार्यों के लिए आशीर्वाद दें, जिन्हें मैं करना चाहता हूं." मोदी की बात के जवाब में स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राम ने उन्हें प्रधानमंत्री बनते देखकर ख़ुशी जताई और अपना समर्थन व्यक्त करते हुए कहा, "नरेंद्र, भारत आपके साथ है." स्वामी चिन्मयानंद के होलोग्राम से पीएम मोदी की बातचीत की आलोचना भी हो रही है.
द वायर के संपादक सिद्धार्थ वरदराजन ने एक्स पर एक पोस्ट में आलोचना करते हुए लिखा है, ''जब मुख्यधारा का मीडिया नरेंद्र मोदी और एक दिवंगत व्यक्ति के एआई-आधारित होलोग्राम के बीच हुई इस अजीब और फ़र्ज़ी बातचीत को यह कहकर रिपोर्ट करता है कि "मोदी ने स्वामी चिन्मयानंद से बातचीत की", तो वह जानबूझकर आंख मूंदकर विश्वास करने का ऐसा उदाहरण पेश करता है, जिसके सामने नोटबंदी के दौर में गोदी मीडिया की वह काल्पनिक कहानी भी फीकी पड़ जाती है, जिसमें दावा किया गया था कि करेंसी नोटों में माइक्रोचिप लगी है.'' स्वामी चिन्मयानंद का निधन तीन अगस्त 1993 को अमेरिका के सैन डिएगो में हुआ था.
ऐसे में सिद्धार्थ का सवाल है कि मीडिया में एआई आधारित होलोग्राम के ज़रिए एक नक़ली बातचीत क्यों दिखाई जा रही है. हालांकि केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इसे आस्था और आधुनिक तकनीक का असाधारण संगम बताया.
देश - दुनिया की बड़ी ख़बरें जिन्होंने बटोरी सुर्खियां. कांग्रेस सेवा दल के चीफ़ ऑर्गेनाइज़र श्रीनिवास बीवी ने एक्स पर लिखा है, ''दुनिया एआई का इस्तेमाल स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और विज्ञान में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए कर रही है.
वहीं, मोदी जी 1993 में दिवंगत हो चुके एक बाबा जी से अपनी तारीफ़ करवाने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं.'' श्रीनिवास बीवी ने स्वामी चिन्मयानंद का एक पुराना वीडियो क्लिप पोस्ट किया है, जिसे इस रूप में पेश किया जा रहा है कि यह मोदी और उनकी पार्टी की विचारधारा से मेल नहीं खाता है.
इस वीडियो क्लिप में स्वामी चिन्मयानंद कह रहे हैं, ''अच्छे लोगों को धर्म की ज़रूरत नहीं होती. मैं इस पेशे से थक चुका हूं. क्यों? क्योंकि मेरे पास कोई स्वस्थ व्यक्ति आता ही नहीं है. इसी तरह, किसी योग्य स्वामी के आसपास बुरे लोग ही होंगे, क्योंकि उन्हें ख़ुद में सुधार लाने की ज़रूरत है.
यह उन लोगों के लिए है, जो ख़तरनाक हैं.'' दरअसल यह वीडियो भगवद्गीता के अध्याय 3, श्लोक 30 पर 25 मिनट का एक प्रवचन का हिस्सा है. इसे चिन्मय मिशन के एक चैनल ने 27 मई 2020 को अपलोड किया था. इसमें उद्धृत अंश लगभग 15:29 से 16:40 मिनट के बीच है.
प्रवचन स्वयं स्वामी चिन्मयानंद के जीवनकाल में रिकॉर्ड किया गया था. उनका निधन 1993 में हुआ था, हालांकि रिकॉर्डिंग की सटीक तारीख़ ज्ञात नहीं है. स्वामी चिन्मयानंद इस वीडियो में कहते हैं, ''अगर बुरा व्यक्ति अच्छा नहीं बन सकता, तो फिर अच्छे व्यक्ति के और अच्छा बनने का क्या मतलब है?
अच्छा बनने का अवसर तो उन लोगों को मिलना चाहिए, जो बुरे हैं, है न?'' ''आप धर्म को नहीं समझते. धर्म में तो सारे बदमाश भरे पड़े हैं. धर्म की ज़रूरत केवल बदमाशों को होती है. अच्छे लोगों को किसी धर्म की ज़रूरत नहीं होती.
लोग पूछते हैं, "स्वामी जी, ऐसा क्यों है कि आपके आसपास रहने वाले सभी लोग दुष्ट और बुरी इच्छाओं वाले हैं?'' ''मैं कहता हूँ, मेरे प्रिय मित्र, किसी प्रसिद्ध डॉक्टर के आसपास हमेशा किस तरह के लोग होंगे? क्या आपने कभी किसी डॉक्टर को यह शिकायत करते सुना है कि मैं इस पेशे से थक गया हूं और अब इसे छोड़ देना चाहता हूं?
क्यों? क्योंकि मेरे पास कोई स्वस्थ व्यक्ति आता ही नहीं है. आख़िर किसी स्वस्थ व्यक्ति को डॉक्टर के पास जाने की क्या ज़रूरत है? इसी तरह, किसी योग्य स्वामी के आसपास बुरे लोग ही होंगे, क्योंकि उन्हें ख़ुद में सुधार लाने की ज़रूरत है.''
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| Issuing Authority | BBC News Hindi |
|---|---|
| Topic Category | WORLD |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 26 October 2026 |