विजय माल्या से सीधा मुकाबला, 40 करोड़ की चाल से डैनी ने पलटा खेल
बॉलीवुड के विलेन डैनी डेन्जोंगपा ने फिल्मों के साथ शराब का बड़ा कारोबार भी खड़ा किया। जानिए कैसे उन्होंने 40 करोड़ रुपये की कंपनी खरीदकर विजय माल्या को टक्कर दी।
- ✓बॉलीवुड के विलेन डैनी डेन्जोंगपा ने फिल्मों के साथ शराब का बड़ा कारोबार भी खड़ा किया।
- ✓बॉलीवुड में जब भी विलेन की बात होती है तो दिमाग में सबसे पहले डैनी डेन्जोंगपा का चेहरा आता है।
- ✓अपनी दमदार आवाज और खतरनाक अंदाज से लेकर फिल्मी पर्दे पर हीरो के आदर्श वाले डैनी की असली जिंदगी की कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं है।
- ✓फिल्मों में उनका नाम तो खूब था, लेकिन उनकी कमाई का असली जरिया अभिनय नहीं था, बल्कि शराब का बिजनेस था।
बॉलीवुड में जब भी विलेन की बात होती है तो दिमाग में सबसे पहले डैनी डेन्जोंगपा का चेहरा आता है। अपनी दमदार आवाज और खतरनाक अंदाज से लेकर फिल्मी पर्दे पर हीरो के आदर्श वाले डैनी की असली जिंदगी की कहानी भी किसी फिल्म से कम नहीं है।
फिल्मों में उनका नाम तो खूब था, लेकिन उनकी कमाई का असली जरिया अभिनय नहीं था, बल्कि शराब का बिजनेस था। उन्होंने अपनी मेहनत से एक ऐसी कंपनी खड़ी कर दी, जो आज देश की बड़ी ब्रुअरी कंपनी में गिनी जाती है। दिलचस्प बात यह है कि डैनी ने इस बिजनेस के जरिए शराब व्यापारी विजय माल्या से भी बाद में भारत में पैर सेठ पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की थी।
इसके लिए उन्होंने 40 करोड़ रुपये खर्च करके एक बड़ी कंपनी का अधिग्रहण किया था। आज जिन एक्टर्स को लोग फिल्मों के शौकीन विलेन के बारे में जानते हैं, वे फिल्मों के पीछे एक सफल बिजनेसमैन भी हैं। सेना में जाना चाहते थे डैनी, मां की एक बात ने बदल दिया फैसला डैनी डेन्जोंगपा का जन्म खंड में हुआ था।
बचपन से ही उनका सपना भारतीय सेना में शामिल होने का सपना था। लेकिन 1960 के दशक में चीन के साथ तनाव और युद्ध के दौरान उन्होंने तबाही और हिंसा का ऐसा मंजर देखा कि उनकी मां डर गईं। उन्होंने दानी से सेना में न जाने की गुज़ारिश की।
माँ की बात दिलचस्प डैनी ने अपना निर्णय बदल दिया। इसके बाद वे संगीत की दुनिया में मछली और पुणे की फिल्म एंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) में अभिनेत्रियों की पढ़ाई में दिखाई दिए। यहां से हुई उनकी फिल्मी सफर की शुरुआत. 70 के दशक में उन्होंने फिल्मों में छोटे-मोटे किरदार निभाए और धीरे-धीरे बॉलीवुड के सबसे खतरनाक विलेन में अपनी जगह बना ली।
फिल्मों में सक्सेस मीटिंग के बाद भी डैनी का अपने होमटाउन प्लांट से कम नहीं हुआ। वह मुंबई की भागदौड़ से दूर अपने घर और परिवार के साथ यात्रा करना चाहती थी। इसी वजह से उन्होंने तय किया कि साल का कम से कम आधा समय अलग-अलग समय में छुट्टियां मनाएंगे।
तुलना से उनकी बिजनेसमैन बनने की कहानी शुरू हुई। डैनी ने यूनिट के अपने गांव युकसोम के नाम पर साल 1987 में 'युकसोम ब्रुएरीज' की शुरुआत की। शुरुआत में यह एक छोटा व्यवसाय था, जिसका उद्देश्य स्थानीय लोगों को रोजगार देना और जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना था।
लेकिन डैनी का यह छोटा सा बिजनेस धीरे-धीरे-धीरे-धीरे बड़ा हुआ। देखते ही देखते उनकी कंपनी देश की तीसरी सबसे बड़ी ब्रुअरी और भारत की सबसे बड़ी ब्रुअरी बन गई। विजय माल्या पर रोक लगाने पर 40 करोड़ रुपये का खर्च आया डैनी ने साल 2005 में अपने बिजनेस का विस्तार शुरू किया।
इसी साल उन्होंने ओडिशा में 'डेंगॉन्ग ब्रुअरीज' की स्थापना की। इसके बाद 2009 में असम की कंपनी 'राइनो एजेंसीज लिमिटेड' का अधिग्रहण कर लिया गया। मीडिया अर्थशास्त्री के मुताबिक, इस डिलिवरी पर डैनी ने करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
उस वक्त विजय माल्या की कंपनी यूनाइटेड ब्रुअरीज (यूबी) भी भारत के बाजार में प्रवेश करने की तैयारी कर रही थी। डैनी को पता था कि अगर यूनाइटेड ब्रुअरीज ने इस मार्केट में कदम रखा तो उनके बिजनेस को बड़ा नुकसान हो सकता है। ऐसे में उन्होंने अपनी बाजार में पकड़ मजबूत करने के लिए राइनो एजेंसी का अधिग्रहण किया।
एक तरफ विजय माल्या की बड़ी कंपनी थी और दूसरी तरफ डैनी का स्थानीय स्तर पर कारोबार शुरू हुआ। लेकिन डैनी ने अपनी रणनीति से बिजनेस की दुनिया में अलग पहचान बनाई। डैनी ने एक इंटरव्यू में अपने बिजनेस की सफलता पर फ्रैंक बात की थी।
साल 2009 में इंडियन एक्सप्रेस के विवरण में जब उनसे पूछा गया कि उनका ब्रुअरी बिजनेस कैसा चल रहा है, तो उन्होंने बेबाकी से जवाब दिया, "बहुत अच्छा। अब मंडल में मेरी तीन ब्रुअरीज हैं। असल में ये मेरी रोजी-रोटी का ज़रिया हैं।
एक्टर्स तो बस यूं ही हो जाते हैं।" उनकी इस बात से साफ था कि फिल्मों में नाम और शोहरत की मुलाकात के बावजूद बिजनेस में उनकी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गया था। मनमर्जी से करते हैं काम, मुंबई की गर्मी भी पसंद नहीं डैनी ने काफी पहले तय कर लिया था कि वह शोहरत के पीछे की जगह अपनी जिंदगी अपनी डिग्री पर जिएंगे।
साल 2018 में ट्यूटोरियल्स के इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्हें मुंबई की गर्मी बिल्कुल पसंद नहीं है। वह नवंबर से जनवरी के बीच ही मुंबई में शूटिंग करना पसंद कर रहे हैं। डैनी ने कहा था कि मुंबई में बालों को सीधे रखना मुश्किल हो जाता है।
बिजनेसमैन और बिजनेसमैन की वजह से स्क्रीन पर हर कोई नजर आता है। उन्होंने यह भी बताया कि वह रविवार को काम नहीं करतीं और कई बार उनका काम करने में मन ही नहीं लगता। फिल्मों में काम करने की मजबूरी अब उनके पास नहीं थी। बिजनेस से होने वाली कमाई ने उन्हें इतनी आजादी दे दी कि वह अपनी फिल्मों से चुनी हुई थीं।
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| Issuing Authority | Aaj Tak National Hindi |
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| Topic Category | ENTERTAINMENT |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 3 November 2026 |