की रात घर में आग न लग जाए! झालर लगाने से पहले जान लें 7 बातें
झालर लगा कर सजावट करते हैं तो आपको ध्यान रखना जरूरी है। कई बार एक छोटी से दुखद आग बन सकती है। इसलिए ये हार्डवेयर टिप्स जरूर जान लें।
- ✓झालर लगा कर सजावट करते हैं तो आपको ध्यान रखना जरूरी है।
- ✓घर पर रोशनी से सजावट के लिए हम कई तरह की झालर, एलईडी लाइट्स और दूसरी इलेक्ट्रिक सजावट का इस्तेमाल करते हैं।
- ✓किसी भी कार्टून में लाइटिंग लगाई जाती है तो किसी भी घर के कमरे को रंग-बिरंगी रोशनी से सजा दिया जाता है।
- ✓लेकिन इस सजावट के बीच बिजली से जुड़ी छोटी-सी श्रेणी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
घर पर रोशनी से सजावट के लिए हम कई तरह की झालर, एलईडी लाइट्स और दूसरी इलेक्ट्रिक सजावट का इस्तेमाल करते हैं। किसी भी कार्टून में लाइटिंग लगाई जाती है तो किसी भी घर के कमरे को रंग-बिरंगी रोशनी से सजा दिया जाता है। लेकिन इस सजावट के बीच बिजली से जुड़ी छोटी-सी श्रेणी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
खराब वायरिंग, एक ही मस्जिद में कई पुराने चलन या पुराने झालर का इस्तेमाल करने से शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। फायर सर्विस के अनुसार, बिजली से जुड़े आग के पीछे शॉर्ट सर्किट, ओवरलोडिंग, खराब या गैर-मानक विद्युत उपकरण और गलत दिल्ली वायरिंग जैसे कारण हो सकते हैं।
ऐसे में बचाव के लिए सजावट शुरू करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं कि घर में बिजली जलने का खतरा कैसे कम किया जा सकता है और अगर शॉर्ट सर्किट हो जाए तो तुरंत क्या करना चाहिए। घर में लाइटिंग के साथ टीवी, फ़िरोज़, एसी और अन्य विद्युत उपकरण भी रहते हैं।
ऐसे में एक ही मस्जिद या सरकारी बोर्ड में कई उपकरण जोड़ना खतरनाक हो सकता है। जरूरत से ज्यादा तार और सचिवालय पर बिजली की आपूर्ति गर्म हो सकती है। इसके समूह पिघलने, शिंगारी एस्कॉर्ट और आग लीका का खतरा रहता है। एक संप्रदाय में कई मल्टी-प्लग शामिल हैं, बिजली का ड्राइवर और बैटरी।
कंपनी बोर्ड का उपयोग जरूरी हो तो उसकी क्षमता और उस पर लिखी गई मुख्य लोड सीमा अवश्य देखें। एक नियोक्ता बोर्ड में दूसरे नियोक्ता बोर्ड का उपयोग करने से बचते हैं। पिछली बार की झालर इस बार इस्तेमाल करने से पहले अच्छी तरह से जांच लें।
कहीं तार का कवर कटा तो नहीं है, कहीं टूट गया तो नहीं या कहीं तार खुला तो नहीं। अगर झालर में कट, टूट-फूट या फिर जलने के निशान दिखें तो उसका इस्तेमाल न करें। तार पर सिर्फ इन्सट्रोल टेप लगाना उसे फिल्म में लागू करना सुरक्षित उपाय नहीं है।
ऐसी झालर फिर से बेहतर है. नई लाइट मूल समय विशेषता ब्रांड और बीआईएस मानक के मानक उत्पाद चुनें। ISI मार्क और आवश्यक जानकारी पर नज़र डालें। सस्ते और बिना किसी सुरक्षा जानकारी वाली लाइट से अनलॉक। 3. झालर लगाने से पहले वायरिंग और सामान की जांच कर लें, लाइटिंग इस्तेमाल करने से पहले घर के स्विच, मस्जिद और मस्जिद की जांच कर लें।
यदि किसी भी स्विचबोर्ड से जहर की गंध आती है, तो उस पर संदेह न करें। बार-बार एमसीबी ट्रिप होने पर बिजली की वायरिंग या ड्राइवर में गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में एमसीबी को बार-बार चालू करने के बजाय किसी उपयुक्त इलेक्ट्रीशियन से जांच कराई जाती है।
खुद से तार जोड़ने या स्विच बोर्ड पर सामान रखने की कोशिश न करें। कई लोग घर की सजावटी लाइटें पूरी रात जलाते हैं। लेकिन जब घर में कोई मौजूद न हो तो झालर और गैर जरूरी बिजली उपकरण बंद कर दिए जाने चाहिए। सोने से पहले भी सजावटी लाइटें बंद करें।
लगातार कई घंटे तक खराब या कम क्वालिटी वाली लाइट से चलने वाले तार और एडॉप्टर गर्म हो सकते हैं। इसलिए लाइट्स को लंबे समय तक बिना निगरानी के चालू न रहने दिया गया। विशेष रूप से ऐसी झालर को कभी भी तार या उपकरण के साथ चालू नहीं किया जाता है, पहले से कोई नुकसान नहीं होता है।
5. बिजली की झालर से दूर घर में दिए, मोमबत्तियां और अगरबत्ती भी जलाई जाती हैं। उदाहरण के लिए बिजली की झालर, पर्दों, मोती, कागज दूसरी और आसानी से आग लगने वाली वस्तुएं हीरे के पास नहीं हैं। रेखाचित्र या विंडो पर लाइटिंग के ठीक नीचे दीया से उधार लिया गया।
वायु प्रवाह पर दिये की लौ चमक या सजावट तक पहुंच सकती है। दीये हमेशा मजबूत और सुरक्षित जगह पर रहें। बच्चों और सामान की पहुंच से भी दूर। डीज़ल, छत और घर के बाहर जाने वाली लाइटें खुली हुई या मज़बूत जोड़ों के साथ न बिछी हुई।
बारिश, पानी या दवा के संपर्क में आने वाले उपभोक्ताओं और कनेक्शन से बिजली का खतरा बढ़ सकता है। बनी लाइट और रिबन ही वस्त्र के लिए उपयोग किया जाने वाला पदार्थ। नामांकन को इस तरह रखें कि वे दरवाजे के नीचे दबें नहीं, आरक्षण के नीचे कोई छात्र और किसी गर्म सतह से न छूएं।
लोहे की रेलिंग या दूसरी धातु की सतह पर तार को बांधने से धातु के तार को बांधने से नुकसान होता है। इलेक्ट्रोनिशियन की मदद लें। घर में एमसीबी बिजली के सर्किट को ओवरलोड और शॉर्ट सर्किट को सुनिश्चित करने में सुरक्षा प्रदान करने में मदद मिलती है।
वहीं आरसीसीबी बिजली के लीकेज का पता रिकॉर्ड में लगाया जा सकता है, जिससे बिजली के खतरे को कम करने में मदद मिलती है।
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| Issuing Authority | Aaj Tak National Hindi |
|---|---|
| Topic Category | TECHNOLOGY |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 3 November 2026 |