दिल्ली के आदिवासियों की रैली से झटका, 80 प्रतिशत आबादी बंद
दिल्ली के आदिवासियों की रैली से झटका, 80 प्रतिशत आबादी बंद
- ✓दिल्ली के आदिवासियों की रैली से झटका, 80 प्रतिशत आबादी बंद
- ✓प्रोफेशनल ऑर्गनाइजेशन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने दावा किया है कि इस रैली के दौरान दिल्ली के व्यापार को करीब 11,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
- ✓संगठन के अनुसार, रैली के दिन राजधानी के लगभग 80 प्रतिशत फ्लैटों में डेक बंद हैं।
- ✓इससे न केवल एस्ट्रिड के व्यापार पर प्रभाव पड़ता है, बल्कि पहले होने वाली खरीदारी और व्यावसायिक सलाहकार भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं।
विपक्ष की रैली से दिल्ली के व्यापारियों को झटका; 80 फीसदी दुकानें बंद रहीं {"_id":"6ae798fd3692405cae03deb5","slug":"विपक्ष-रैली-डील-ए-झटका-से-दिल्ली-व्यापारियों-80-प्रतिशत-दुकानें-बंद-2026-11-02","type":"video","status":"publish","title_hn":"विपक्ष की रिपोर्ट से दिल्ली के धार्मिक स्थल को झटका, 80 प्रतिशत अवशेष बंद","श्रेणी":{"शीर्षक":"भारत समाचार","शीर्षक_एचएन":"देश","स्लग":"भारत-समाचार"}} समर्थकों की रैली से दिल्ली के अनुयायियों को झटका, 80 प्रतिशत अवशेष बंद दिल्ली के ऐतिहासिक क्षेत्र को झटका, रविवार को आयोजित इंडिया अलायंस की रैली का असर केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं रहा, लेकिन इसका प्रभाव राजधानी के वाणिज्यिक और आर्थिक व्यापार पर भी देखने को मिला।
प्रोफेशनल ऑर्गनाइजेशन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने दावा किया है कि इस रैली के दौरान दिल्ली के व्यापार को करीब 11,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। संगठन के अनुसार, रैली के दिन राजधानी के लगभग 80 प्रतिशत फ्लैटों में डेक बंद हैं।
इससे न केवल एस्ट्रिड के व्यापार पर प्रभाव पड़ता है, बल्कि पहले होने वाली खरीदारी और व्यावसायिक सलाहकार भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं। पुरातनपंथी का कहना है कि उत्सव का समापन होने के कारण यह समय व्यापार का अत्यंत महत्वपूर्ण था।
ऐसे में इनवेस्टमेंट्स की कम फैक्ट्रीज और हॉस्टलों के बंद रहने से भारी आर्थिक क्षति हुई। सीटीआई के जनरल स्टाफ शीला ने बताया कि रैली के आयोजन से पहले दिल्ली में करीब 10 लाख लोगों के पहुंचने की संभावना जताई गई थी। इसके अलावा अनुमान लगाया गया था कि रैली में 15 से 20 हजार वाहन शामिल होंगे।
इतनी बड़ी संख्या में लोगों और समुदाय के खतरों की पहुंच को देखते हुए दिल्ली में कई दिनों से यातायात व्यवस्था, कैमोमाइल और वाहनों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। इसका सीधा असर दिल्ली के व्यावसायिक भूगोल पर पड़ा है। कई उद्यमों और उद्यमों में जैम और इलेक्ट्रानिक स्टूडियो का संकट का सामना करना पड़ा।
इस वजह से बड़ी संख्या में लोगों ने उद्योग का रुख नहीं अपनाया। आदिवासियों के अनुसार, रैली से पहले ही निवेशकों की दुकानें कम होने लगी थीं, जिसका असर कारोबार पर दिखाई दिया। राजनीतिज्ञ सिद्धांत के अनुसार, सामान्य दिनों में दिल्ली के विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों में दुकानें और व्यावसायिक व्यवसाय के लिए प्रतिदिन लगभग 3 से 4 लाख लोग अन्य शहरों और आसपास के क्षेत्रों से आते हैं।
इन वस्तुओं में थोक व्यापारियों के साथ-साथ थोक व्यापारी और बाज़ार भी शामिल होते हैं। लेकिन रैली वाले दिन राजधानी के होटलों में विश्विद्यालयों की संख्या काफी कम रही। उन्होंने बताया कि 22 से 25 प्रमुख उद्यमों में लगभग 3 लाख डिपो स्थित हैं।
बाजार संघों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अनुमान लगाया गया कि रैली वाले दिन शाम तक लगभग 2.5 लाख रिलायंस जियो की बिक्री हुई। यानि कि कुल रौशनी में से करीब 80 प्रतिशत रौशनी पर झूले रहे। जो भी लॉन्च हुआ, वहां निवेशकों की संख्या बेहद कम होने के कारण बिजनेस सामान्य स्तर तक नहीं पहुंच सका।
सिटी का दावा है कि बिजनेस बंद होने और बिजनेस इंडस्ट्री प्रभावित होने के कारण दिल्ली को करीब 11,000 करोड़ रुपये के कारोबार का नुकसान हुआ। इस स्थिति ने उन अलगावों की चिंता बढ़ा दी है, जो पहले बड़े स्तर पर बिक्री की उम्मीद के साथ बैठे थे।
त्योहारों के मौसम में कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू सामान, सजावटी सामान और अन्य मूर्तियों की मांग बढ़ती है। ऐसे समय में फिल्मी सितारों की कमी के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। व्यावसायिक संगठन का मानना है कि किसी भी बड़े राजनीतिक आयोजन के दौरान यातायात व्यवस्था और आम नागरिकों के आगमन को लेकर स्पष्ट योजना होनी चाहिए, ताकि व्यावसायिक साझेदार प्रभावित न हों।
हालाँकि, 11,000 करोड़ रुपये के नुकसान का प्रतीक सिटी का अनुमान और दावा है, न कि किसी सरकारी एजेंसी की ओर से प्रमाणित आर्थिक आकलन। अमित शाह के 'अंगद के पैर' वाले बयान में अखिलेश यादव के पलटवार, यूपी चुनाव 2027 पर क्या बोले?
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| Issuing Authority | Amar Ujala National Hindi |
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| Topic Category | POLITICS |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 1 November 2026 |