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governance

मतदाता सूची पुनरीक्षण आदेशों पर 'सर्वसम्मति से' काम किया गया: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

The Indian Express NationalBy Ananthakrishnan G
26 Oct 2026
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मतदाता सूची पुनरीक्षण आदेशों पर 'सर्वसम्मति से' काम किया गया: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
मतदाता सूची पुनरीक्षण आदेशों पर 'सर्वसम्मति से' काम किया गया: चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
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AI Synopsis & Key Briefing

भारत के चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक संयुक्त हलफनामा दायर किया जिसमें कहा गया कि उसके शीर्ष अधिकारियों ने मतदाता सूची के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण आदेश जारी करने के लिए सर्वसम्मति से काम किया। फाइलिंग में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया कि जुलाई 2026 के आंतरिक कार्य-आवंटन आदेश को दो चुनाव आयुक्तों के संयुक्त निर्देश के बाद लागू नहीं किया गया था।

Key Highlights & Official Takeaways
  • ✓भारत के चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक संयुक्त हलफनामा दायर किया जिसमें कहा गया कि उसके शीर्ष अधिकारियों ने मतदाता सूची के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण आदेश जारी करने के लिए सर्वसम्मति से काम किया।
  • ✓29 जुलाई 2026 को, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सचिव टी.वी.
  • ✓सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखकर आदेश और अधिकारी के आचरण पर सवाल उठाया और 30 जुलाई 2026 के एक संयुक्त निर्देश ने इसके कार्यान्वयन को रोक दिया।
  • ✓हलफनामा उन दावों का भी खंडन करता है कि पंजीकरण नियम, 1960 के फॉर्म 6 को एसआईआर के 24 जून 2025, 27 अक्टूबर 2025 और 14 मई 2026 के आदेशों द्वारा बदल दिया गया था।
Comprehensive News & Policy Report

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए और एक संयुक्त हलफनामा दाखिल किया जिसमें कहा गया कि तीनों ने सर्वसम्मति से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के शेड्यूल को मंजूरी दे दी है। हलफनामा तब प्रस्तुत किया गया जब न्यायालय द इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के बाद भारत के चुनाव आयोग के कामकाज से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करने की तैयारी कर रहा है।

दस्तावेज़ आंतरिक प्रशासनिक कार्रवाइयों की एक श्रृंखला का विवरण देता है: 23 सितंबर 2025 के एक कार्यालय आदेश ने पहले के कार्य-आवंटन ढांचे को निर्धारित किया; अतिरिक्त सचिव रैंक के एक आईएएस अधिकारी द्वारा 28 जुलाई 2026 को जारी एक नए कार्यालय आदेश को बाद में चुनौती दी गई थी। 29 जुलाई 2026 को, दोनों चुनाव आयुक्तों ने कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन को अलग-अलग पत्र लिखकर आदेश और अधिकारी के आचरण पर सवाल उठाया और 30 जुलाई 2026 के एक संयुक्त निर्देश ने इसके कार्यान्वयन को रोक दिया। हलफनामा उन दावों का भी खंडन करता है कि पंजीकरण नियम, 1960 के फॉर्म 6 को एसआईआर के 24 जून 2025, 27 अक्टूबर 2025 और 14 मई 2026 के आदेशों द्वारा बदल दिया गया था।

यह फाइलिंग इंडियन एक्सप्रेस की जांच के बाद हुई है जिसने चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक शासन के बारे में चिंताएं जताई थीं। सर्वसम्मत निर्णय और जुलाई 2026 के कार्य-आवंटन आदेश के निलंबन की पुष्टि करके, आयोग आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की अखंडता के बारे में मतदाताओं, राजनीतिक दलों और चुनाव अधिकारियों सहित हितधारकों को आश्वस्त करना चाहता है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के नतीजे का आयोग की प्रशासनिक स्वायत्तता और भारत की चुनावी प्रणाली में जनता के विश्वास पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।

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Official Notice Specification
Issuing AuthorityThe Indian Express National
Topic CategoryGOVERNANCE
JurisdictionAll India / National
Publication Date26 October 2026
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Official Source Attribution: The Indian Express National
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