BRICS की सामूहिक ताकत को वैश्विक समाधानों में बदलना होगा : पीएम मोदी
BRICS की सामूहिक ताकत को वैश्विक समाधानों में बदलना होगा : पीएम मोदी
- ✓BRICS की सामूहिक ताकत को वैश्विक समाधानों में बदलना होगा : पीएम मोदी
- ✓उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की सामूहिक ताकत को वैश्विक समाधान में बदलने और आर्थिक विकास को नई गति देने के लिए मिलकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
- ✓पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस वर्ष ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे कर रहा है।
- ✓2006 में जब समूह की शुरुआत हुई थी, तब इसमें चार देश थे, जबकि आज ब्रिक्स और ब्रिक्स साझेदारों को मिलाकर 21 देशों का परिवार बन चुका है।
3 hours ago | BRICS Business Forum 2026 | BRICS Summit | India BRICS Presidency | PM Modi | Startup Innovation | Trade Barriers | upi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए सदस्य देशों के बीच व्यापार बाधाओं को कम करने, स्टार्टअप्स को दूसरे ब्रिक्स बाजारों में विस्तार देने और कारोबारी साझेदारियों को बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की सामूहिक ताकत को वैश्विक समाधान में बदलने और आर्थिक विकास को नई गति देने के लिए मिलकर ठोस कदम उठाने की जरूरत है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस वर्ष ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे कर रहा है।
2006 में जब समूह की शुरुआत हुई थी, तब इसमें चार देश थे, जबकि आज ब्रिक्स और ब्रिक्स साझेदारों को मिलाकर 21 देशों का परिवार बन चुका है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश दुनिया की करीब 50% आबादी, 40% जीडीपी और 25% से अधिक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं।
वैश्विक अर्थव्यवस्था से तेज बढ़ी ब्रिक्स की ताकत प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में वैश्विक जीडीपी करीब ढाई गुना बढ़ी है, जबकि ब्रिक्स देशों की संयुक्त जीडीपी करीब साढ़े चार गुना हुई है। यह दिखाता है कि ब्रिक्स की आर्थिक ताकत दुनिया की तुलना में करीब दोगुनी रफ्तार से बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश वैश्विक नवाचार और समाधान के महत्वपूर्ण केंद्र भी बन रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता की थीम ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएन्स, इनोवेशन, को-ऑपरेशन एंड सस्टेनिबिलिटी’ है। पिछले 12 वर्षों में भारत ने इस मंत्र को अपनी आर्थिक और व्यापार नीति का आधार बनाया है।
उन्होंने कहा कि भारत ने ऊर्जा से लेकर टेक्नोलॉजी तक अपनी सप्लाई चेन को अधिक विविध और भरोसेमंद बनाया है, जिसका परिणाम वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि और स्थिरता के रूप में सामने आया है। रणनीतिक क्षेत्रों में नई क्षमताएं विकसित कर रहा भारत प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सड़कों, रेलवे, बंदरगाहों और हवाई अड्डों का तेजी से विस्तार कर रहा है।
इसके साथ ही शिप-बिल्डिंग, सेमीकंडक्टर, क्वांटम, क्रिटिकल मिनरल्स और बायोटेक जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में नई क्षमताएं तैयार की जा रही हैं। उन्होंने वैश्विक कारोबारियों से कहा, “मेक इन इंडिया, इनोवेट विद इंडिया और स्केल फॉर द वर्ल्ड।” पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में स्टार्टअप क्रांति हो रही है।
दो लाख से अधिक स्टार्टअप और 120 से अधिक यूनिकॉर्न के साथ भारत वैश्विक समाधानों का केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी झलक ‘ब्रिक्स भारत इनोवेट्स एक्सपो’ में भी दिखाई देगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप एआई के जरिए शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में बदलाव ला रहे हैं।
इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन और बैटरी के क्षेत्र में काम हो रहा है तथा रक्षा और अंतरिक्ष में भी नए आयाम तलाशे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब ब्रिक्स के माध्यम से इन विश्वस्तरीय नवाचारों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की जरूरत है।
यूपीआई को बताया जनसंख्या स्तर पर नवाचार का उदाहरण पीएम मोदी ने भारत की नवाचार यात्रा की विशेषता के रूप में ‘इनोवेशन एट पॉपुलेशन स्केल’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने बड़े पैमाने पर वित्तीय समावेशन और डिजिटल लेनदेन को नई गति दी है।
उन्होंने कहा कि दुनिया के करीब 50% रियल-टाइम भुगतान इसी टेक्नोलॉजी पर होते हैं। व्यापार बाधाओं के बीच आर्थिक पुल बना रहा भारत प्रधानमंत्री ने कहा कि जब दुनिया में व्यापार बाधाएं बढ़ रही हैं, तब भारत आर्थिक पुल बना रहा है।
2014 के बाद से भारत ने करीब 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स में भी भारत का दृष्टिकोण व्यापार बाधाओं को कम करने और कारोबारियों के लिए अवसर बढ़ाने का है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में कृषि, स्वास्थ्य, कौशल और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग नेटवर्क बनाए गए हैं।
स्टार्टअप और एमएसएमई को बाजार तथा वित्त से जोड़ने के लिए ब्रिक्स इनक्यूबेटर नेटवर्क, ब्रिक्स एमएसएमई पोर्टल और ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड जैसी पहल की गई हैं। उन्होंने ब्रिक्स देशों के कारोबारियों से इन सहयोग ढांचों का लाभ उठाने और निवेश तथा प्रतिभा के आदान-प्रदान को बढ़ाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, सप्लाई रूट खुले रहें और नाविक सुरक्षित हों। भारत नौवहन की स्वतंत्रता और नाविकों की सुरक्षा का दृढ़ समर्थक है। पीएम नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स वुमन्स बिजनेस अलायंस को भारत के विजन का अहम हिस्सा बताया।
उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों को विकास की कहानी का नेतृत्व करना चाहिए। उन्होंने बताया कि भारत में आयोजित इस अलायंस की बैठक में करीब 200 महिला कारोबारी नेताओं ने भाग लिया। व्यापार बाधाओं और स्टार्टअप साझेदारी के लिए लक्ष्य
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| Topic Category | INDIA |
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| Publication Date | 11 September 2026 |