ट्विशा शर्मा डेथ केस में CBI ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया हलफनामा
ट्विशा शर्मा की मौत मामले में CBI ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई पर आशंका जताई. ट्विशा के पिता ने केस दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की है. पढ़ें पूरी कहानी.
- ✓ट्विशा शर्मा की मौत मामले में CBI ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई पर आशंका जताई.
- ✓ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है.
- ✓इसमें जांच एजेंसी ने कहा है कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई संभव नहीं है.
- ✓CBI के मुताबिक, मामले की एक प्रमुख आरोपी और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह का प्रभाव ट्रायल की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है.
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. इसमें जांच एजेंसी ने कहा है कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र सुनवाई संभव नहीं है.
CBI के मुताबिक, मामले की एक प्रमुख आरोपी और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह का प्रभाव ट्रायल की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है. एजेंसी ने आशंका जताई है कि उनके प्रभाव के चलते गवाहों को डराया-धमकाया जा सकता है और निचली अदालत की कार्यवाही पर असर पड़ सकता है.
CBI के इस रुख को ट्विशा शर्मा के पिता की उस याचिका के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें उन्होंने मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश से बाहर कराने की मांग की है. ट्विशा के पिता ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि मुकदमे को भोपाल से बाहर ट्रांसफर किया जाए.
इसके लिए उन्होंने दिल्ली को प्राथमिकता दी है. उनका तर्क है कि गिरिबाला सिंह पूर्व जिला न्यायाधीश रह चुकी हैं और उनके प्रभाव के कारण स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित हो सकती है. CBI ने अपने हलफनामे में मामले की गंभीरता का जिक्र करते हुए कहा है कि घटना के बाद गिरिबाला सिंह ने कथित तौर पर अपराध स्थल को अपने हिसाब से संभालने और सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश की थी.
जांच एजेंसी के मुताबिक, ये आरोप इस मामले की गंभीरता को दर्शाते हैं. CBI ने यह भी कहा है कि राज्य पुलिस की जांच के दौरान कई ऐसी घटनाएं सामने आईं, जो जांच प्रक्रिया में गिरिबाला सिंह के कथित अनुचित हस्तक्षेप की ओर इशारा करती हैं.
एजेंसी के इस रुख से मामले की सुनवाई के स्थान को लेकर चल रही कानूनी बहस अहम हो गई है. अब सुप्रीम कोर्ट में इस मांग और CBI के हलफनामे के आधार पर मामले की सुनवाई दूसरी जगह ट्रांसफर करने के मुद्दे पर विचार किया जा सकता है. हालांकि, हलफनामे में लगाए गए आरोप अपने आप में किसी अपराध को साबित नहीं करते.
मामले की सुनवाई कहां होगी, इस पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट का होगा. फिलहाल, इस केस में निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने और गवाहों की सुरक्षा से जुड़ी आशंकाएं प्रमुख मुद्दे बनकर सामने आई हैं.
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| Issuing Authority | Aaj Tak National Hindi |
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| Topic Category | GOVERNANCE |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 30 October 2026 |