अदालत ने लॉरेंस बिश्नोई साक्षात्कार को लेकर बर्खास्त पंजाब पुलिसकर्मी के खिलाफ आदेश खारिज कर दिया
जब दो में से एक साक्षात्कार आयोजित किया गया तो लॉरेंस बिश्नोई पंजाब पुलिस की हिरासत में था।
- ✓जब दो में से एक साक्षात्कार आयोजित किया गया तो लॉरेंस बिश्नोई पंजाब पुलिस की हिरासत में था।
- ✓सरकार ने संधू को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 311 का इस्तेमाल किया था।
- ✓बर्खास्तगी आदेश में आरोप लगाया गया कि उन्होंने साक्षात्कार की व्यवस्था में मदद की, जिससे पंजाब पुलिस की छवि को गंभीर नुकसान हुआ।
- ✓इसमें उन पर पुलिस आचरण नियमों का उल्लंघन करने और अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से निभाने में विफल रहने का भी आरोप लगाया गया।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने विवादास्पद लॉरेंस बिश्नोई जेल साक्षात्कार मामले में पंजाब पुलिस के बर्खास्त डीएसपी गुरशेर सिंह संधू को बड़ी राहत देते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त करने के पंजाब सरकार के आदेश को रद्द कर दिया है।
पुलिस हिरासत से गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के मीडिया साक्षात्कार के संबंध में कर्तव्य में गंभीर लापरवाही और घोर अनुशासनहीनता का आरोप लगने के बाद, संधू को पंजाब सरकार ने 2 जनवरी, 2025 को बर्खास्त कर दिया था। सरकार ने संधू को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 311 का इस्तेमाल किया था।
बर्खास्तगी आदेश में आरोप लगाया गया कि उन्होंने साक्षात्कार की व्यवस्था में मदद की, जिससे पंजाब पुलिस की छवि को गंभीर नुकसान हुआ। इसमें उन पर पुलिस आचरण नियमों का उल्लंघन करने और अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से निभाने में विफल रहने का भी आरोप लगाया गया।
सरकार ने आगे आरोप लगाया था कि संधू ने विभागीय जांच में सहयोग नहीं किया, जिसमें उन्हें आरोपपत्र देने और जांच में शामिल करने के प्रयास भी शामिल थे। यह मामला लॉरेंस बिश्नोई के दो टेलीविजन साक्षात्कारों से उपजा है। मामले में उद्धृत एसआईटी निष्कर्षों के अनुसार, पहला साक्षात्कार 2-3 सितंबर, 2022 की रात के दौरान मोहाली के खरड़ पुलिस स्टेशन के अंदर स्थित अपराध जांच एजेंसी (सीआईए) कार्यालय में आयोजित किया गया था।
एसआईटी रिपोर्ट में साक्षात्कार के लिए इस्तेमाल किए गए उपकरण का विवरण, साथ ही उस समय मौजूद लोगों की पहचान भी दर्ज की गई। रिपोर्ट में डीएसपी संधू और उनकी टीम के पांच अन्य पुलिस कर्मियों का नाम शामिल किया गया है, जब लॉरेंस उनकी सुरक्षा हिरासत में था।
कथित तौर पर सरकारी डेटा डोंगल के इंटरनेट कनेक्शन का उपयोग करके साक्षात्कार की सुविधा प्रदान की गई थी। जांच के अनुसार, दूसरा साक्षात्कार 2 जनवरी, 2025 को राजस्थान की जयपुर सेंट्रल जेल में आयोजित किया गया था। पंजाब सरकार ने पहले साक्षात्कार को सुविधाजनक बनाने में संधू की कथित भूमिका को अनुशासन और जिम्मेदारी का गंभीर उल्लंघन माना था, जिसके कारण अंततः उन्हें बर्खास्त कर दिया गया।
सरकार के बर्खास्तगी आदेशों को रद्द करने के अदालत के फैसले से अब संधू को महत्वपूर्ण राहत मिली है और अनुशासनात्मक कार्रवाई की वैधता जांच के दायरे में आ गई है।
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| जारीकर्ता प्राधिकरण | NDTV India News |
|---|---|
| विषय श्रेणी | INDIA |
| क्षेत्र / अधिकार क्षेत्र | अखिल भारतीय (राष्ट्रीय) |
| सार्वजनिक तिथि | 2 सितंबर 2026 |