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दिल्ली उच्च न्यायालय ने बीमार पत्नी की देखभाल के लिए अल फलाह विश्वविद्यालय के अध्यक्ष को 7 दिन की हिरासत पैरोल दी

The Hindu NationalBy The Hindu National
7 Nov 2026
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AI Synopsis & Key Briefing

जुलाई में, उच्च न्यायालय ने सिद्दीकी को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था और उसे तीन तारीखों पर हिरासत पैरोल पर अपनी पत्नी से मिलने की अनुमति दी थी।

Key Highlights & Official Takeaways
  • ✓जुलाई में, उच्च न्यायालय ने सिद्दीकी को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था और उसे तीन तारीखों पर हिरासत पैरोल पर अपनी पत्नी से मिलने की अनुमति दी थी।
  • ✓चिकित्सा और मानवीय आधार पर एक सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत या हिरासत पैरोल की मांग करने वाली सिद्दीकी की याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने यह आदेश पारित किया।
  • ✓श्री सिद्दीकी ने कहा कि उनकी पत्नी स्टेज-4 ओवेरियन कैंसर की मरीज हैं और उन्हें 10 नवंबर को कीमोथेरेपी के अगले चक्र से गुजरना होगा।
  • ✓प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सिद्दीकी की अंतरिम रिहाई का विरोध किया क्योंकि उनके खिलाफ आरोप गंभीर थे।
Comprehensive News & Policy Report

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार (नवंबर 6, 2026) को अल फलाह विश्वविद्यालय समूह के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्दीकी को अपनी बीमार पत्नी की देखभाल के लिए सात दिन की हिरासत पैरोल दी, जो दो मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में हिरासत में हैं।

चिकित्सा और मानवीय आधार पर एक सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत या हिरासत पैरोल की मांग करने वाली सिद्दीकी की याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने यह आदेश पारित किया। श्री सिद्दीकी ने कहा कि उनकी पत्नी स्टेज-4 ओवेरियन कैंसर की मरीज हैं और उन्हें 10 नवंबर को कीमोथेरेपी के अगले चक्र से गुजरना होगा।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सिद्दीकी की अंतरिम रिहाई का विरोध किया क्योंकि उनके खिलाफ आरोप गंभीर थे। ईडी के वकील ने कहा कि आरोपी के भागने का खतरा है और उसका आपराधिक इतिहास है, जिसमें नवंबर 2025 के लाल किला कार विस्फोट मामले में उसकी संलिप्तता भी शामिल है।

जुलाई में, उच्च न्यायालय ने सिद्दीकी को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था और उसे तीन तारीखों पर हिरासत पैरोल पर अपनी पत्नी से मिलने की अनुमति दी थी। सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग के दो मामलों में गिरफ्तार किया गया है। एक मामला विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा भुगतान की गई फीस से कथित तौर पर अवैध धन उत्पन्न करने से जुड़ा है।

उन्हें धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामले में 18 नवंबर, 2025 को गिरफ्तार किया गया था। ईडी की जांच दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की दो एफआईआर से जुड़ी है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि अल फलाह विश्वविद्यालय ने छात्रों और अभिभावकों को गुमराह करने के लिए एनएएसी मान्यता और यूजीसी मान्यता को गलत तरीके से पेश किया।

अल फलाह विश्वविद्यालय 'सफेदपोश आतंक' जांच के दायरे में आया, जिसमें इससे जुड़े दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक अन्य, उमर-उन-नबी की पहचान 10 नवंबर, 2025 को लाल किले के बाहर हुए विस्फोट में आत्मघाती हमलावर के रूप में की गई, जिसमें 15 लोग मारे गए।

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Official Notice Specification
Issuing AuthorityThe Hindu National
Topic CategoryEDUCATION
JurisdictionAll India / National
Publication Date7 November 2026
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