दिल्ली उच्च न्यायालय ने न्यूज़क्लिक की एफआईआर, ईडी मनी लॉन्ड्रिंग मामले को रद्द कर दिया
न्यायाधीश का कहना है कि एफडीआई, शेयर मूल्यांकन और व्यय पर आरोप आपराधिक अपराधों का खुलासा नहीं करते हैं
- ✓न्यायाधीश का कहना है कि एफडीआई, शेयर मूल्यांकन और व्यय पर आरोप आपराधिक अपराधों का खुलासा नहीं करते हैं
- ✓न्यायपालिका (न्याय की व्यवस्था)/न्याय और अधिकार
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने डिजिटल समाचार प्लेटफॉर्म न्यूज़क्लिक और उसके संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ दर्ज एक एफआईआर को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई), शेयर मूल्यांकन और धन के व्यय से संबंधित आरोपों में धोखाधड़ी या आपराधिक विश्वासघात के अपराधों का खुलासा नहीं हुआ है।
29 मई को दिए गए फैसले में, न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा ने 26 अगस्त, 2020 को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दर्ज की गई एफआईआर को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि भले ही शिकायत में सभी आरोपों को अंकित मूल्य पर स्वीकार कर लिया गया हो, लेकिन अपराधों के आवश्यक तत्व सामने नहीं आए हैं।
न्यायपालिका (न्याय की व्यवस्था)/न्याय और अधिकार
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| Issuing Authority | The Hindu National |
|---|---|
| Topic Category | BUSINESS |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 6 November 2026 |