दिवाली पूजा मुहूर्त समय 2026: रात में भी कर सकते हैं लक्ष्मी पूजन, जानें महानिशीथ काल का आह्वान
दिवाली 2026 पूजा मुहूर्त लाइव अपडेट हिंदी में:आज, गणतंत्र में दीपावली का पर्व मनाया जा रहा है। हिन्दू धर्म में इस दिन माता लक्ष्मी और विघ्नहर्ता भगवान गणेश के विशेष विधान हैं।
- ✓दिवाली 2026 पूजा मुहूर्त लाइव अपडेट हिंदी में:आज, गणतंत्र में दीपावली का पर्व मनाया जा रहा है।
- ✓दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त लाइव अपडेट - फोटो: अमर उजाला 34 21 लिंक कॉपी किया गया मां लक्ष्मी की आरती ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।।
- ✓तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता।
- ✓उमा, राम, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
दिवाली 2026 लक्ष्मी पूजा मुहूर्त लाइव अपडेट - फोटो: अमर उजाला 34 21 लिंक कॉपी किया गया मां लक्ष्मी की आरती ऊं जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता।। तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। ऊँ जय लक्ष्मी माता।। उमा, राम, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता।
मैया तुम ही जग-माता।। सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गता। ऊँ जय लक्ष्मी माता।। दुर्गा रूपनिरंजनी, सुख संप्रभु दाता। मैया सुख संपत्ति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता। ऊँ जय लक्ष्मी माता।। पाताल-निवासिनी, तुम ही शुभदाता।
मैया तुम ही शुभदाता हो। कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी,भवनिधि की त्राता। ऊँ जय लक्ष्मी माता।। जिस घर में तुम रहते हो, सब सद्गुण आते हैं। मैया सब सद्गुण आते हैं। सब संभव हो जाये, मन न घबराये। ऊँ जय लक्ष्मी माता।। तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता।
मैया वस्त्र न कोई पाता। खान-पान का वैभव, सब चौंकाते हैं। ऊँ जय लक्ष्मी माता।। शुभ-गुण मंदिर सुंदर, क्षीरोद्धि-जाता। मैया क्षीरोद्धि-जाता। रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता। ऊँ जय लक्ष्मी माता।। महालक्ष्मी जी की आरती, जो कोई नर गता।
मैया जो कोई नर गाता। उर आनंद समाता, पाप उतर जाता है। ऊँ जय लक्ष्मी माता।। ऊँ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता। ऊँ जय लक्ष्मी माता।। भगवान गणेश की आरती जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ एक दन्त दयावन्त, चार भुजा धारी। सिन्दूर सिन्दूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ पैने चढ़े फल चढ़े,और चढ़े मेवा। लड्डुअन का भोग लागे, संत करे सेवा॥ जय गणेश जय गणेश,जय गणेश देवा।
माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा॥ अँधन को आँख देत, कोढ़िन को काया। बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया॥ जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥ गणेश ध्यान मंत्र वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ कई पौराणिक कथाओं और धार्मिक विद्वानों की मूर्तियाँ हुई हैं।
इनमें भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी और समुद्र तट से मां लक्ष्मी के प्रकट होने की कहानियां प्रमुख हैं। भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की कथा धार्मिक धार्मिक अनुष्ठानों के अनुसार, त्रेता युग में भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध कर बुराई पर बुराई की थी।
प्रभु श्रीराम के आगमन की खुशी में अयोध्यावासियों ने पूरे नगर को दीपों से सजाकर उनका भव्य स्वागत किया। सिद्धांत यह है कि इसी समय से दीप दिवाली की परंपरा शुरू हुई। यह कथा बुराई पर अच्छाई और ब्लैकआउट पर प्रकाश की जीत का संदेश है।
समुद्र तट से माँ लक्ष्मी के प्रकट होने की कथा पौराणिक कथाओं, देवताओं और असुरों के अनुसार समुद्र तट से माँ लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। ऐसी मान्यता है कि माँ लक्ष्मी का प्राकट्य कार्तिक मास की वस्तु के रूप में हुआ था। उनके प्रकट होने पर देवताओं ने उनकी स्तुति की और भगवान विष्णु ने उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया।
इसी घटना की खुशी में मां लक्ष्मी की पूजा करने की परंपरा प्रचलित है। धार्मिक विश्वास है कि रात में मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि, धन-वैभव और खुशहाली बनी रहती है।
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| Issuing Authority | Amar Ujala National Hindi |
|---|---|
| Topic Category | INDIA |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 8 November 2026 |