में पीएम मोदी के भाषण की पांच बड़ी बातें: दलितवाद से लेकर 'दिमागी पुस्तकालय' तक; प्रधानमंत्री क्या बोले?
में पीएम मोदी के भाषण की पांच बड़ी बातें: दलितवाद से लेकर 'दिमागी पुस्तकालय' तक; प्रधानमंत्री क्या बोलें?--पीएम मोदी बस्तर भाषण: नक्सलवाद, सीआरपीएफ, विपक्ष और गरीबी पर 5 मुख्य बातें
- ✓में पीएम मोदी के भाषण की पांच बड़ी बातें: दलितवाद से लेकर 'दिमागी पुस्तकालय' तक; प्रधानमंत्री क्या बोलें?--पीएम मोदी बस्तर भाषण: नक्सलवाद, सीआरपीएफ, विपक्ष और गरीबी पर 5 मुख्य बातें
- ✓इस दौरान उन्होंने हिटलरवाद के खिलाफ बयान देते हुए देश को सफलता दिलाने के लिए बड़ी उपलब्धि बताई।
- ✓पीएम मोदी ने कहा कि 2026 की दीपावली खास है, क्योंकि देश ने दशकों पुराने बिशपवाद की लड़ाई जीत ली है।
- ✓हालाँकि, उन्होंने यह भी आगाह किया कि ख़तरा पूरी तरह ख़त्म नहीं हुआ है।
6 में से 1 मोदी - फोटो: अमर उजाला ग्राफिक्स 1 लिंक कॉपी किया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के कोनों में सुरक्षा बलों के साथ मिलकर मनाया दिवाली का त्योहार। इस दौरान उन्होंने हिटलरवाद के खिलाफ बयान देते हुए देश को सफलता दिलाने के लिए बड़ी उपलब्धि बताई।
पीएम मोदी ने कहा कि 2026 की दीपावली खास है, क्योंकि देश ने दशकों पुराने बिशपवाद की लड़ाई जीत ली है। हालाँकि, उन्होंने यह भी आगाह किया कि ख़तरा पूरी तरह ख़त्म नहीं हुआ है। अपनी योजनाओं में प्रधानमंत्री ने मुस्लिमों के खिलाफ लड़ाई, सीआरपीएफ के जवानों की शहादत, पिछली आबादी के समुदायों, 'दिमागी ग्रुप' और गरीबी से बाहर आए लोगों का जिक्र किया।
आइए जानते हैं उनके भाषण की पांच बड़ी बातें... 6 में से 2 मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स 1. हर जिलावाद से मुक्त प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2026 की यही खास बात है, क्योंकि देश ने दशकों पुरानी लड़ाई में जीत हासिल की है।
उन्होंने कहा कि यह पहली बार है, जब देश का हर जिला दोस्ती से मुक्त है। इस उपलब्धि का श्रेय सुरक्षा को एकजुट करने के लिए दिया गया। उन्होंने कहा कि यह सबसे बड़ी सफलता नमक के साहस और उपहारों का परिणाम है। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और इसे बरकरार रखने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि देश का हर युवा अपने परिवार का हिस्सा है। 6 में से 4 मोदी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स 3. पिछली कक्षा का एक समूह ने गठबंधन को लीलाज बीमारी मान ली थी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, अगर आप 2004 से 2013 तक के आंकड़ों पर नजर डालेंगे, तो लीजिए कि हर साल दोस्ती के बंधन में बंधने के हमारे साथी हमारे साहसी साथियों की संख्या ज्यादा से ज्यादा थी।
दुर्भाग्य से, उस समय के छात्रावास ने किशोरों को ऐसी बीमारी मान ली थी, जिसका कोई इलाज नहीं है। उन्होंने इस समस्या को ऐसे ही छोड़ दिया। उन्होंने कहा, ''माओवादी आतंक और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई आसान नहीं थी।'' उन्होंने कहा, ''माओवादी आतंक और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई आसान नहीं थी।
उन्होंने कहा, "2010 में मोदी के पास एक और घटना हुई थी, जिसमें आतंकवादियों के बीच हमारे 76 युवा शहीद हो गए थे. उन्होंने कहा, "यह धरती हमारी जंगली चट्टानों के खून से लाल हो गई थी। लेकिन महलों में रहने वाले उन पतले नेताओं की ओर से दुख जटने वाली एक आवाज तक नहीं आई।
उनकी आंखों से एक फूल तक नहीं निकला। लगभग हर दिन कहीं न कहीं ऐसे हमले होते रहे। यह दशमांश तक पहुंच रहा है। इस दौरान अकेले छत्तीसगढ़ में 1,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों की भर्ती हुई।" विज्ञापन 6 में से 5 पीएम मोदी - फोटो: अमर उजाला ग्राफिक्स 4.
हथियारबंद ऑर्केस्ट्रा के बाद अब 'दिमागी ऑर्केस्ट्रा' से खतरा प्रधानमंत्री मोदी ने हॉस्टल से हथियारबंद माओवादियों का सफाया हो गया है, लेकिन 'दिमागी ऑर्केस्ट्रा' का खतरा अब भी बन गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे एलैब्स ने कई राजनीतिक निवेशकों को बंधक बना लिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "दोस्तों, इन सफलताओं के बीच हमें एक और बात ध्यान में रखनी होगी। हथियार बंद रॉकेट का सफाया हो गया है, लेकिन 'दिमागी ऑर्केस्ट्रा' ने अलग-अलग लक्षणों पर नियंत्रण कर लिया है। वे आज भी लोगों को संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ समर्थन देने की कोशिश कर रहे हैं।
इन सफलताओं से प्रेरित होकर हम एक और बात पर ध्यान देना चाहते हैं। हमें उनकी पहचान करनी होगी, उन्हें अलग करना होगा और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।" अधिक अगली फोटो गैलरी लोड करें देखें विज्ञापन हर खबर से अपडेट रहें, डाउनलोड करें Android हिंदी समाचार ऐप्स, iOS हिंदी समाचार ऐप्स और अमर उजाला हिंदी समाचार ऐप्स अपने मोबाइल पर|राजनीति, खेल, मनोरंजन, प्रौद्योगिकी और शिक्षा आदि के लाइव अपडेट हिंदी में प्राप्त करें।
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| Issuing Authority | Amar Ujala National Hindi |
|---|---|
| Topic Category | INDIA |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 7 November 2026 |