क्या निजी कंप्यूटर की RAM है यूजलेस?: सैम ऑल्टमैन ने क्यों दिया यह बयान और क्या हैं इसके मायने
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन के अनुसार घरेलू कंप्यूटरों में लगी रैम का उपयोग महज 5% समय ही भारी कार्यों में होता है। सैम ऑल्टमैन ने आखिर क्यों कही ये बात और क्या हैं इसके मायने आइए जानते हैं?
- ✓ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन के अनुसार घरेलू कंप्यूटरों में लगी रैम का उपयोग महज 5% समय ही भारी कार्यों में होता है।
- ✓वैश्विक रैम किल्लत के बीच उन्होंने माना कि डेटा सेंटर्स में मेमोरी का बेहतर इस्तेमाल होता है।
- ✓सैम ऑल्टमैन ने आखिर क्यों कही ये बात और क्या हैं इसके मायने आइए जानते हैं?
- ✓ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने एक पॉडकास्ट के दौरान पर्सनल कंप्यूटर में लगी रैम यानी DRAM को लेकर एक बड़ा बयान देकर नई बहस छेड़ दी है।
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन के अनुसार घरेलू कंप्यूटरों में लगी रैम का उपयोग महज 5% समय ही भारी कार्यों में होता है। वैश्विक रैम किल्लत के बीच उन्होंने माना कि डेटा सेंटर्स में मेमोरी का बेहतर इस्तेमाल होता है। सैम ऑल्टमैन ने आखिर क्यों कही ये बात और क्या हैं इसके मायने आइए जानते हैं?
ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने एक पॉडकास्ट के दौरान पर्सनल कंप्यूटर में लगी रैम यानी DRAM को लेकर एक बड़ा बयान देकर नई बहस छेड़ दी है। उनका मानना है कि दुनिया भर में रैम की भारी किल्लत के बीच घरेलू कंप्यूटरों में इतनी अधिक मेमोरी का मौजूद होना वैश्विक आवंटन के नजरिए से सही नहीं है।
उनके इस बयान के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। आइए जानते हैं क्या सच में पर्सनल पीसी की रैम का इस्तेमाल खराब है। ऑल्टमैन ने 'Cheeky Pint' पॉडकास्ट में कहा कि घरेलू कंप्यूटरों में लगी रैम का इस्तेमाल बहुत कम होता है।
उनके अनुमान के मुताबिक यह रैम करीब 5 प्रतिशत समय ही काम में आती है, जबकि बाकी वक्त खाली पड़ी रहती है। इसके उलट, क्लाउड डेटा सेंटर की रैम चौबीसों घंटे चलती है। इसे ऐसे समझ सकते हैं- डेटा सेंटर की रैम होटल के उस कमरे जैसी है, जिसमें हर रात कोई नया मेहमान ठहरता है।
वहीं घर के कंप्यूटर की रैम उस खाली कमरे जैसी है, जो हफ्ते में ज़्यादातर बंद रहता है। ऑल्टमैन का तर्क है कि जहां संसाधन सीमित हों, वहां डेटा सेंटर में रैम का इस्तेमाल ज़्यादा व्यावहारिक है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पूरी दुनिया में रैम चिप्स की भारी कमी है और 2026 में इसकी कीमतों में हर तिमाही बड़ा उछाल देखने को मिला है।
इस किल्लत की सबसे बड़ी वजह खुद एआई कंपनियां हैं जैसे कि खुद ओपनएआई ने अपने 'स्टारगेट' डेटा सेंटर्स के लिए सैमसंग और एसके हाइनिक्स जैसी कंपनियों के साथ बड़े समझौते किए हैं। एआई सर्वर के लिए हाई-बैंडविड्थ मेमोरी बनाने पर चिप कंपनियों का फोकस ज्यादा है, जिससे आम पीसी और फोन के लिए रैम का उत्पादन कम हो गया है।
ऑल्टमैन से जब पूछा गया कि क्या ऊंची कीमतें नए सप्लाई ऑप्शंस पैदा कर रही हैं, तो उन्होंने साफ कहा- 'स्थिति खराब है और बाजार की अदृश्य ताकतें फिलहाल इस कमी को दूर करने में नाकाम रही हैं।' ऑल्टमैन के अनुसार रैम बनाने वाली कंपनियां अतीत के आर्थिक नुकसान को नहीं भूली हैं।
साल 2023 में चिप मार्केट में आई मंदी के दौरान इन कंपनियों को भारी घाटा उठाना पड़ा था। इसलिए आज जब एआई बूम के कारण कंपनियां भारी मुनाफा भी कमा रही हैं, तब भी वे नए कारखाने लगाने में काफी सतर्कता और सावधानी बरत रही हैं। हालांकि ऑल्टमैन क्लाउड की क्षमता को बेहतर मानते हैं, लेकिन आम यूजर्स और गेमर्स के लिए घरेलू कंप्यूटर में अच्छी रैम का होना आज भी जरूरी है: कुल मिलाकर ऑल्टमैन का बयान पीसी को बेकार बताने के लिए नहीं, बल्कि दुनिया भर में चिप्स की सप्लाई चेन और क्लाउड क्षमता के सही इस्तेमाल पर केंद्रित था।
फिलहाल 2026 के अंत तक पीसी रैम की कीमतों में और तेजी के आसार हैं, जिसका सीधा असर नए लैपटॉप और कंप्यूटर खरीदने वालों की जेब पर पड़ेगा।
- •Aspirants and citizens are advised to monitor official notices and circulars issued by Amar Ujala National Hindi.
- •Verify all prescribed eligibility criteria, cutoff dates, and authenticated document requirements prior to formal submissions.
- •Track connected examination timetables, vacancy advisories, and administrative gazettes on SuchnaSetu.
| Issuing Authority | Amar Ujala National Hindi |
|---|---|
| Topic Category | TECHNOLOGY |
| Jurisdiction | All India / National |
| Publication Date | 2 November 2026 |