Skip to main content
National News Desk
politics

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि चुनावी रिकॉर्ड को अपडेट करना एक 'निरंतर प्रक्रिया' है

The Hindu NationalBy The Hindu National
30 Oct 2026
Translated via Google Translate
AI Synopsis & Key Briefing

बेंच को केरलम में विशेष गहन पुनरीक्षण के पुन: सत्यापन के लिए औपचारिक रूप से समय सीमा बढ़ाने को अनावश्यक लगता है

Key Highlights & Official Takeaways
  • ✓बेंच को केरलम में विशेष गहन पुनरीक्षण के पुन: सत्यापन के लिए औपचारिक रूप से समय सीमा बढ़ाने को अनावश्यक लगता है
  • ✓भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी.
  • ✓भारत का चुनाव आयोग (ईसीआई) ऐसे अभ्यावेदनों की जांच करने और अदालत को एक रिपोर्ट सौंपने के लिए सहमत हो गया है।
  • ✓सुनवाई के दौरान, सीपीआई (एम) के राज्य सचिव एम.वी.
Comprehensive News & Policy Report

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (अक्टूबर 30, 2026) को केरलम में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पुन: सत्यापन के लिए औपचारिक रूप से समय सीमा बढ़ाना अनावश्यक पाया, और कहा कि चुनावी रिकॉर्ड को सही करने और मतदाताओं को शामिल करने की कवायद एक "निरंतर प्रक्रिया" है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की खंडपीठ ने, हालांकि, याचिकाकर्ताओं को उन व्यक्तियों का विवरण प्रस्तुत करने की अनुमति दी जो निर्धारित समय सीमा के भीतर गणना फॉर्म दाखिल करने में असमर्थ थे।

भारत का चुनाव आयोग (ईसीआई) ऐसे अभ्यावेदनों की जांच करने और अदालत को एक रिपोर्ट सौंपने के लिए सहमत हो गया है। सुनवाई के दौरान, सीपीआई (एम) के राज्य सचिव एम.वी. की ओर से पेश वकील जी. प्रकाश। गोविंदन ने कहा कि कई लोग समय की कमी के कारण गणना प्रक्रिया को पूरा करने में असमर्थ रहे हैं।

वकील ने पीठ से ईसीआई को समय सीमा बढ़ाने का निर्देश देने का आग्रह किया। "SIR को बढ़ाया जा सकता है। सत्यापन का समय बढ़ाया जा सकता है, यह आज समाप्त होने वाला है। SIR प्रक्रिया में 24 लाख से अधिक नाम शामिल नहीं किए गए थे," श्री प्रकाश ने प्रस्तुत किया।

सबमिशन का जवाब देते हुए, सीजेआई ने कहा कि याचिकाकर्ता उन व्यक्तियों की पहचान कर सकते हैं जिन्हें छोड़ दिया गया था और उनके मामलों को ईसीआई के ध्यान में ला सकते हैं। "समय बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि यह एक सतत प्रक्रिया है...

जहां भी आपको लगता है कि ऐसे व्यक्ति हैं जिन्हें अभी भी मौका दिया जाना चाहिए, पता लगाएं। इसे प्रतिनिधित्व के माध्यम से उनके [ईसीआई] नोटिस में लाएं। हम उन्हें इसकी जांच करने के लिए कहेंगे, और हम इसे लंबित रखेंगे," सीजेआई ने कहा।

ईसीआई का प्रतिनिधित्व करते हुए, वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. नायडू ने शुरू में याचिकाओं को निरर्थक करार दिया क्योंकि केरल में चुनाव समाप्त हो गए थे। लेकिन खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को उन लोगों का विवरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया जो समय पर अपने गणना फॉर्म वापस नहीं कर सके।

ईसीआई को उनके अभ्यावेदन पर विचार करने और अदालत के समक्ष एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया गया था। मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण

Actionable Steps for Aspirants & Citizens
  • •Aspirants and citizens are advised to monitor official notices and circulars issued by The Hindu National.
  • •Verify all prescribed eligibility criteria, cutoff dates, and authenticated document requirements prior to formal submissions.
  • •Track connected examination timetables, vacancy advisories, and administrative gazettes on SuchnaSetu.
Official Notice Specification
Issuing AuthorityThe Hindu National
Topic CategoryPOLITICS
JurisdictionAll India / National
Publication Date30 October 2026
Connected Government Jobs & Upcoming Exams
Active on SuchnaSetu
Official Source Attribution: The Hindu National
View Publisher Source Link

SuchnaSetu provides verified civic and public policy reports based on official notices. Primary publication and copyright remain with the respective government authority or publisher.